Decision in favor of private schools of High Court, 4 months tuition fees to be given with annual fund | हाईकोर्ट के प्राइवेट स्कूलों के पक्ष में सुनाया फैसला, 4 महीने ट्यूशन फीस के साथ देने होंगे वार्षिक फंड

  • Hindi News
  • Local
  • Delhi ncr
  • Decision In Favor Of Private Schools Of High Court, 4 Months Tuition Fees To Be Given With Annual Fund

गुड़गांव17 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

गुड़गांव. प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं बच्चे। फाइल फोटो

  • कोर्ट के फैसले के बाद आहत पेरेंट्स, डबल बेंच में गुहार लगाएगा अभिभावक एकता मंच

सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों को बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों को वार्षिक शुल्क और ट्यूशन फीस लेने की इजाजत दे दी है। कोर्ट के इस फैसले से अभिभावकों में नाराजगी है। क्योंकि कई अभिभावकों ने ट्यूशन फीस जमा नहीं करवाई है, ऐसे में अब वार्षिक फंड की राशि जमा करवाना इस आर्थिक मंदी में पेरेंट्स के लिए बड़ी आफत खड़ी हो गई है। वहीं प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के लिए यह फैसला किसी लॉटरी लगने से कम नहीं दिखाई दे रहा है। अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने बताया कि यह फैसला एकल बेंच द्वारा सुनाया गया है।

ऐसे में अब वे डबल बेंच में इस मामले को लेकर जाएंगे। इस तरह से अभिभावकों पर फीस का भार डालना सही नहीं है। अभिभावक सुधीर गर्ग का कहना है कि यह फैसला केवल स्कूलों के हित में सुनाया गया है। जब बच्चे स्कूल ही नहीं जा रहे तो ट्यूशन फीस के साथ-साथ अन्य फंड कैसे लिए जा सकते हैं। इस पर विचार करने की जरूरत है। क्योंकि इस फैसले से लाखों अभिभावक प्रभावित होंगे। इन आदेशों से सरकार व अभिभावकों को झटका लगा है जो इस बात का इंतजार कर रहे थे कि लॉकडाउन के अवधि की स्कूल फीस उन्हें नहीं देनी पड़ेगी।

गुड़गांव में 1 हजार से अधिक प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं 2 लाख से अधिक बच्चे

गुड़गांव में एक हजार से अधिक प्राइवेट स्कूलों में दो लाख से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान बिना पढ़ाई के ट्यूशन फीस के अलावा अनुअल चार्ज लिए जाने के आदेश से खासकर पेरेंट्स के लिए आफत खड़ी हो गई है। इनमें से 200 से अधिक बड़े स्कूल हैं, जो शहर के आसपास हैं और जिनमें हजारों रुपए वार्षिक फीस वसूली जाती है। लेकिन अब देखना है कि इस मामले में हाई कोर्ट की डबल बेंच पेरेंट्स को राहत देती है या फिर इन आदेशों को ही जस का तस रखती है।

डबल बेंच में लगाई जाएगी गुहार

पंजाब के बाद अब हरियाणा के लिए भी कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि लॉकडाउन के दौरान चाहे किसी स्कूल ने ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी है या नहीं, सभी स्कूल इस दौरान की ट्यूशन फीस अभिभावकों से वसूल सकते हैं। हाई कोर्ट के जस्टिस रामेंद्र जैन ने पंजाब के एक मामले में हाई कोर्ट की एकल बेंच द्वारा दिए गए निर्णय के आधार पर प्राइवेट स्कूलों को यह राहत दी है।

प्रदेश अध्यक्ष ने किया फैसले का स्वागत

हाई कोर्ट का जो फैसला स्कूलो की फीस के संदर्भ में आया है, हम उसका स्वागत करते हैं। सरकार के उलट पुलट बयानों के कारण राज्य में एक विपरीत वातावरण बन गया था। सरकार के मंत्रियों को सोच समझकर बयान देना चाहिए। उनको गलत बयान से मामला हाई कोर्ट में पहुंच गया। इससे विपरीत माहौल तैयार हुआ है। इसके लिए हम पूर्ण रूप से नासमझ मंत्रियों को मानते हैं।
-यशपाल यादव, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन

0

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

Australia bushfires: অস্ট্রেলিয়ার বিধ্বংসী দাবানল কেড়েছে ৩০০ কোটি প্রাণীর জীবন - nearly 3 billion animals killed, displaced in australian wildfires: wwf report

Tue Jul 28 , 2020
এই সময় ডিজিটাল ডেস্ক: অস্ট্রেলিয়ার সাম্প্রতিক বিধ্বংসী দাবানলে স্তন্যপায়ী, সরীসৃপ এবং পাখি-সহ কমপক্ষে তিন কোটি প্রাণী মারা গিয়েছে বা বাস্তুচ্যুত হয়েছে। ‘ওয়ার্ল্ড ওয়াইড ফান্ড ফর নেচার’ (WWF)-এর সাম্প্রতিক এক রিপোর্টে এমনটাই দাবি করা হয়েছে। WWF-এর এই রিপোর্টই মঙ্গলবারই প্রকাশিত হয়। ২০১৯-২০২০ মরশুমের দাবানল দেশের বন্যজীবনের (wildlife) উপর কী প্রভাব ফেলেছে, […]

Breaking News

Recent Posts