सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पेक्सेल्स
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ईशनिंदा को लेकर मुकदमे का सामना कर रहे अहमदी समुदाय के एक व्यक्ति की यहां की एक अदालत में न्यायाधीश के सामने बुधवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि ताहिर अहमद नसीम को ईशनिंदा के आरोप में दो साल पहले गिरफ्तार किया गया था। उसे अदालत कक्ष में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शौकतुल्ला खान के सामने गोली मार दी गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह अदालत छावनी इलाके में अत्यधिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में है। न्यायिक परिसर के मुख्य द्वारा और इसके अंदर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि हथियारबंद हमलावर कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में कैसे घुस गया। पुलिस ने हत्यारे को अदालत कक्ष से गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद रहे एक वकील ने बताया कि मृतक के खिलाफ ईश निंदा कानून के तहत एक मामला दर्ज था।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में ईशनिंदा अत्यधिक संवेदनशील मुद्दा है, जहां महज आरोप लग जाने पर ही आरोपी अक्सर भीड़ की हिंसा का शिकार बन जाता है। बता दें कि अहमदी समुदाय, पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक हैं। पाकिस्तान की संसद ने साल 1974 में इसे गैर मुस्लिम समुदाय घोषित किया था। एक दशक बाद, इस वर्ग के लोगों को मुस्लिम कहे जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
ईशनिंदा को लेकर मुकदमे का सामना कर रहे अहमदी समुदाय के एक व्यक्ति की यहां की एक अदालत में न्यायाधीश के सामने बुधवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि ताहिर अहमद नसीम को ईशनिंदा के आरोप में दो साल पहले गिरफ्तार किया गया था। उसे अदालत कक्ष में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शौकतुल्ला खान के सामने गोली मार दी गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह अदालत छावनी इलाके में अत्यधिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में है। न्यायिक परिसर के मुख्य द्वारा और इसके अंदर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि हथियारबंद हमलावर कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में कैसे घुस गया। पुलिस ने हत्यारे को अदालत कक्ष से गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद रहे एक वकील ने बताया कि मृतक के खिलाफ ईश निंदा कानून के तहत एक मामला दर्ज था।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में ईशनिंदा अत्यधिक संवेदनशील मुद्दा है, जहां महज आरोप लग जाने पर ही आरोपी अक्सर भीड़ की हिंसा का शिकार बन जाता है। बता दें कि अहमदी समुदाय, पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक हैं। पाकिस्तान की संसद ने साल 1974 में इसे गैर मुस्लिम समुदाय घोषित किया था। एक दशक बाद, इस वर्ग के लोगों को मुस्लिम कहे जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
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Wed Jul 29 , 2020
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