कोलकाता। दिग्गज राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल के मार्गदर्शक होंगे। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चुनाव के समय किसे टिकट मिलेगा और किसका टिकट कटेगा यह पूरी रणनीति प्रशांत किशोर ही बना रहे हैं। प्रशांत के चुने हुए प्रतिनिधि ही चुनाव लड़ेंगे। इसलिए उनकी संस्था आईपैक की नजर में सारे तृणमूल उम्मीदवार खुद को पाक साफ साबित करने में भी जुट गए हैं। उनकी टीम की रिपोर्ट के आधार पर तृणमूल कांग्रेस के संगठन में व्यापक फेरबदल हुआ है।
मौजूदा विधायकों और प्रस्तावित उम्मीदवारों की लोकप्रियता, पिछले पांच साल का प्रदर्शन, पार्टी कार्यकर्ताओं में स्वीकार्यता, स्थानीय इकाई के भीतर विभाजन को पाटने की क्षमता और स्वच्छ छवि अगले विधानसभा चुनाव में टिकट देने का पैमाना होगा। यह सब प्रशान्त और उनकी टीम की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।
नाम नहीं छापने की शर्त पर तृणमूल के उक्त नेता ने बताया कि 2016 में हमारे बीच एक आसान लड़ाई थी इसलिए टिकट बांटते समय हमारे पास कई तरह के प्रयोग करने की सहुलियत थी। लेकिन इस बार हालात बदले हुए हैं और हम रिस्क नहीं ले सकते हैं। अगले चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन प्रशान्त और उनकी टीम के परामर्श के आधार पर किया जाएगा।
उक्त नेता के अनुसार प्रशान्त और उनकी टीम ने तृणमूल कांग्रेस को जमीनी स्तर के तथ्य मुहैया कराएगी। लोगों के बीच पार्टी प्रस्तावित उम्मीदवारों की स्वीकार्यता के बारे में पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण भी किया जाएगा। उसके बाद प्रशान्त की टीम और पार्टी से मिली सूचना के आधार पर उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा। टिकट आवंटन में पार्टी के ‘दीदी के बोलो’ अभियान के दौरान विधायकों के प्रदर्शन पर तेैयार की गई रिपोर्ट को भी ध्यान में रखा जाएगा।
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