जयपुर20 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

सॉफ्टवेयर में बदलाव से बिलिंग व्यवस्था गड़बड़ा गई है। इसे सही किया जा रहा है।
- जोधपुर डिस्कॉम के एमडी अविनाश सिंघवी बोले, इस माह 92 फीसदी रेवेन्यू जमा हो चुका
(श्यामराज शर्मा). प्रदेश में बिजली बिल ट्रेड में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण बिलिंग सॉफ्टवेयर में भी बदलाव करना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं की बिलिंग गड़बड़ा गई है। जहां एक महीने से बिल मिलने थे, वहां 15 दिन में ही बिल मिल रहे हैं। कई जगह डेढ़ महीने में भी बिलिंग नहीं हो पा रही है। जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम के कई जोन में तो ढाई महीने से बिल नहीं मिले हैं। इससे उपभोक्ताओं का बजट गड़बड़ा रहा है। कई जगह बिल जमा होने के बावजूद दुबारा राशि जुड़कर आने की शिकायत भी है।
इसलिए आई दिक्कत
सरकार ने लॉकडाउन के दौरान की बिलिंग की राशि को दो किस्तों में वसूलने का फैसला किया। वहीं उद्योगों के फिक्स चार्ज के लिए भी अलग नियम बनाए गए। इसके लिए पूरे बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव करते हुए पूरी राशि को किस्तों में बांटा गया।
जहां स्पॉट बिलिंग थी, वहां भी बिलिंग राशि को दो किस्तों में किया गया। हालांकि, इस बदलाव में कुछ उपभोक्ताओं के जमा राशि भी बकाया निकाल दी। इससे लोगों को बिल सुधरवाने के लिए सब डिवीजन दफ्तर में जाना पड़ा।
अब रूटीन बिलिंग, जमा भी हो रहे हैं
जोधपुर डिस्कॉम के एमडी अविनाश सिंघवी का कहना है कि सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण शुरू के दौर पर बिलिंग पर प्रभाव आया था। अब रूटीन बिलिंग हो रही है। अब तक इस महीने में 92 फीसदी रेवन्यू जमा हो चुका है। लॉकडाउन के बाद स्थितियां सुधरी हैं।
0
