नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अगस्त को सुनवाई होगी, जिसमें तीन दिग्गज वकीलों की बहस होगी. इस याचिका को जस्टिस रिषीकेश रॉय सुनेंगे. इस मामले में वरिष्ठ वकील आर. बसंत महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश होंगे. वकील आर. बसंत का सामना बिहार सरकार की तरफ से पेश होने वाले वकील सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विकास सिंह और अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से होगा.
इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपनी कैविएट फाइल की है जिसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट रिया की याचिका पर सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार का पक्ष भी सुने और रिया की याचिका पर कोई एक तरफा आदेश जारी ना करे. मामले में बिहार सरकार और सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने भी कैविएट दायर की है.
बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें मांग की गई है कि पटना में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और जांच को बिहार से मुंबई ट्रांसफर किया जाए, जहां इस मामले में पहले से ही जांच चल रही है. एक मामले की जांच दो जगह की पुलिस नहीं कर सकती है.
रिया चक्रवर्ती के वकील ने बताया कि जब पहले से ही जांच मुंबई में चल रही है और इसकी पूरी जानकारी लोगों को है तो ऐसे में बिहार में इसी मामले में एक ही घटना पर मुकदमा दर्ज करना गैरकानूनी है और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों की अनदेखी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले हैं. जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने एक ही मामले में कई राज्यों मे दर्ज एफआईआर को सबसे पहले जांच शुरू करने वाले राज्य की पुलिस को ट्रांसफर किया है.
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में रिया ने बताया कि वो सुशांत के साथ लिव इन में रहती थीं, उस पर लगाए गए आरोप झूठे हैं. रिया ने कहा कि सुशांत की मौत के बाद उसको हत्या और रेप की धमकी मिली जिसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की है. याचिका में कहा है कि बिहार में उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है इसीलिए पटना में दर्ज एफआईआर की जांच को मुंबई ट्रांसफर किया जाए.
बिहार सरकार और सुशांत के पिता रिया की याचिका का विरोध करेंगे, उनका कहना है कि मुंबई पुलिस में जांच सही दिशा में नहीं हो रही है इसीलिए पटना में दर्ज एफआईआर की जांच को मुंबई पुलिस के पास ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए.
