103-year-old Woman In Indore Battling Cancer, Conquered Corona, Won The Battle By Staying At Home – कैंसर से जूझ रही 103 वर्षीया महिला ने कोरोना पर विजय पाई, घर में रहकर जीती जंग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Updated Mon, 03 Aug 2020 08:29 PM IST

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कोरोना से हर कोई इस वक्त जंग लड़ रहा है, अधिकतर संख्या में लोग इसे हरा भी रहे हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी इस वैश्विक महामारी को शिकस्त दी है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश से सामने आया है जहां कैंसर से जूझ रही एक बुजुर्ग महिला ने कोरोना को परास्त कर दिया है।

राज्य के खरगोन जिले में अंडाशय के कैंसर से जूझ रही 103 वर्षीय महिला ने अपने घर में 14 दिन तक चले इलाज के बाद कोविड-19 को सोमवार को मात दे दी। इसके साथ ही, वह इस महामारी से उबरने वाले देश के सबसे उम्रदराज मरीजों के समूह में शामिल हो गयी हैं।

विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) अनुज कारखुर ने पीटीआई को बताया, ‘बड़वाह कस्बे में रहने वाली उम्रदराज महिला रुक्मिणी चौहान जांच में 21 जुलाई को कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं। हालांकि, उनमें इस महामारी के लक्षण नहीं थे। लिहाजा हमने उन्हें उनके घर पर पृथक-वास में रखकर इलाज का फैसला किया।’ 

उन्होंने बताया, ‘रुक्मिणी के परिवार के लोगों के मुताबिक उनकी उम्र 103 साल है। वह अंडाशय के कैंसर से जूझ रही हैं और पिछले पांच साल से रोग शय्या पर हैं। इसलिए उनकी स्थिति पर विशेष रूप से नजर रखी गयी।’

बीएमओ ने बताया कि वृद्धा को कोविड-19 की दवाएं और आयुर्वेदिक काढ़ा देने के साथ उनके शरीर में ऑक्सीजन के स्तर, तापमान व अन्य स्वास्थ्य सूचकांकों की नियमित अंतराल में जांच की जाती रही। कारखुर ने बताया, ‘तय प्रोटोकॉल के तहत सेहत की जांच के बाद हमने रुक्मिणी को सोमवार को कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त घोषित कर दिया। फिलहाल उन्हें इस महामारी से जुड़ी कोई स्वास्थ्यगत समस्या नहीं है।’

उन्होंने बताया कि बड़वाह के नजदीक के एक शराब कारखाने में काम करने वाला वृद्धा का पोता पिछले महीने कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। ऐसे में पूरी संभावना है कि वह अपने पोते के संपर्क में आने से इस महामारी की मरीज बनीं। गौरतलब है कि इंदौर की 95 साल की महिला भी मई में कोविड-19 को मात दे चुकी हैं।

कोरोना से हर कोई इस वक्त जंग लड़ रहा है, अधिकतर संख्या में लोग इसे हरा भी रहे हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी इस वैश्विक महामारी को शिकस्त दी है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश से सामने आया है जहां कैंसर से जूझ रही एक बुजुर्ग महिला ने कोरोना को परास्त कर दिया है।

राज्य के खरगोन जिले में अंडाशय के कैंसर से जूझ रही 103 वर्षीय महिला ने अपने घर में 14 दिन तक चले इलाज के बाद कोविड-19 को सोमवार को मात दे दी। इसके साथ ही, वह इस महामारी से उबरने वाले देश के सबसे उम्रदराज मरीजों के समूह में शामिल हो गयी हैं।

विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) अनुज कारखुर ने पीटीआई को बताया, ‘बड़वाह कस्बे में रहने वाली उम्रदराज महिला रुक्मिणी चौहान जांच में 21 जुलाई को कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं। हालांकि, उनमें इस महामारी के लक्षण नहीं थे। लिहाजा हमने उन्हें उनके घर पर पृथक-वास में रखकर इलाज का फैसला किया।’ 

उन्होंने बताया, ‘रुक्मिणी के परिवार के लोगों के मुताबिक उनकी उम्र 103 साल है। वह अंडाशय के कैंसर से जूझ रही हैं और पिछले पांच साल से रोग शय्या पर हैं। इसलिए उनकी स्थिति पर विशेष रूप से नजर रखी गयी।’

बीएमओ ने बताया कि वृद्धा को कोविड-19 की दवाएं और आयुर्वेदिक काढ़ा देने के साथ उनके शरीर में ऑक्सीजन के स्तर, तापमान व अन्य स्वास्थ्य सूचकांकों की नियमित अंतराल में जांच की जाती रही। कारखुर ने बताया, ‘तय प्रोटोकॉल के तहत सेहत की जांच के बाद हमने रुक्मिणी को सोमवार को कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त घोषित कर दिया। फिलहाल उन्हें इस महामारी से जुड़ी कोई स्वास्थ्यगत समस्या नहीं है।’

उन्होंने बताया कि बड़वाह के नजदीक के एक शराब कारखाने में काम करने वाला वृद्धा का पोता पिछले महीने कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। ऐसे में पूरी संभावना है कि वह अपने पोते के संपर्क में आने से इस महामारी की मरीज बनीं। गौरतलब है कि इंदौर की 95 साल की महिला भी मई में कोविड-19 को मात दे चुकी हैं।

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