जयपुर4 घंटे पहले
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शेखावत का कहना है कि सचिन पायलट समेत कुछ लोगों को गहलोत कांग्रेस से निकालना चाहते हैं।कांग्रेस के संकट से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं।
- शेखावत ने कहा- गहलोत लोकसभा चुनाव में बेटे की हार को पचा नहीं पा रहे
- लोकसभा चुनाव में शेखावत ने वैभव गहलोत को 2.74 लाख वोटों से हराया था
राजस्थान के सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार शाम जैसलमेर से जयपुर लौटे। उन्होंने कहा कि दुख है कि रक्षाबंधन के दिन विधायक घर नहीं जा सके। हमारी प्रायोरिटी है कि लोकतंत्र मजबूत बने। लोकतंत्र बचाने के लिए सबकुछ किया जा रहा है।
इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की चुप्पी को लेकर केंद्रीय मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कभी-कभी मौन की गूंज शब्दों से भी तेज होती है। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में शेखावत बोले कि राजस्थान में चल रहे राजनीतिक ड्रामे की स्क्रिप्ट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद लिखी है। इसके जरिए वे अपने अंदरुनी और बाहरी विरोधियों को निशाना बनाना चाहते हैं।
गहलोत बोले- इतना बड़ा सीटों का गैप है फिर भी बेशर्मी से गेम खेला गया
वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता पूरे खेल को देख रही है। जिस प्रकार सरकार को गिराने का प्रयास किया गया। ये तीसरी कोशिश थी। दो पहले हो चुकी हैं। कर्नाटक और मध्यप्रदेश का सबको मालूम है। राजस्थान में बड़े रूप में इनकी तैयारी थी। इतना बड़ा सीटों का गैप है फिर भी बेशर्मी से गेम खेला गया। कहां 73 और कहां 122 हमारे पास थे।
उन्होंने कहा कि हॉर्स ट्रेडिंग अभी भी की जा रही है। टेलीफोन आते हैं। सब हमारी जानकारी में है। गहलोत बोले भारत सरकार में बैठे नेता जनता की नजर से नहीं बचेंगे। सच्चाई हमारे साथ हैं। इस षडयंत्र में कुछ और लोग शामिल है। जिस तरह राजस्थान के केंद्र मंत्री ने गेम खेला, उन्हें धैर्य रखना चाहिए था। वो तो मैदान में कूद पड़े। राजस्थान की परंपरा को ही भूल गए।
गहलोत ने कहा- जनता समझ रही है, भाजपा ने सरकार को गिराने का प्रयास किया
गहलोत बोले कि नए-नए एमपी बन गए। फिर मंत्री बनने का चांस मिल गया तो जल्दबाजी हो गई उनको। इसलिए मैने कहा कि वो खुद धराशायी हो गए। सीबीआई के छापे तो उनके ऊपर पड़ने चाहिए। पड़ उनपर रहे हैं जिनके रिश्ते हम से जुड़े हैं।
गहलोत ने कहा कि जनता में आक्रोश है। इनके (बागी विधायक) प्रति जो प्यार और आदर था, उसमें कमी आएगी। जनता देखती है कि हमारे विधायकों ने ऐसा क्यों किया। उनके क्षेत्र में ज्यादा काम हुए। कभी शिकायत नहीं की। अब शिकायत कर रहे हैं। एक माह से ज्यादा का समय हो गया है। जनता समझ रही है। भाजपा ने चुनी सरकार को गिराने का प्रयास किया है।
गहलोत अपने बेटे की हार को पचा नहीं पा रहे
न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में शेखावत ने कहा कि मैंने लोकसभा चुनाव में गहलोत के बेटे वैभव को हराया था और मुख्यमंत्री इसे पचा नहीं पा रहे। इसलिए मुझे निशाना बना रहे हैं। लोकसभा चुनाव में शेखावत ने वैभव गहलोत को 2.74 लाख से भी ज्यादा वोटों से हराया था। गहलोत ने शेखावत पर आरोप लगाया है कि वे राजस्थान की सरकार गिराने की साजिश में शामिल हैं।
शेखावत का कहना है कि राजस्थान के राजनीतिक संकट से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं। यह सब गहलोत और सचिन पायलट के बीच की लड़ाई है। गहलोत, पायलट समेत कुछ लोगों को कांग्रेस से निकालना चाहते हैं। इसलिए भाजपा पर दोष मढ़ रहे हैं।
बेनीवाल के आरोप के बाद वसुंधरा ने चुप्पी तोड़ी थी
गहलोत-पायलट की लड़ाई खुलकर सामने आने पर जहां राजस्थान भाजपा के नेता इस मुद्दे पर खुल कर बोल रहे थे, लेकिन वसुंधरा राजे चुप्पी साधे रहीं। करीब एक हफ्ते बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कुछ लोग राजनीतिक घटना पर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वसुंधरा का जवाब नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के आरोप के बाद आया। बेनीवाल ने कहा था कि राजे खुद गहलोत की मदद कर रही हैं।
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