भभुआ2 मिनट पहले
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- केंद्रीय कृत जिला नियंत्रण कक्ष के जरिए हाे रही 24 घंटे निगरानी
गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों की कोरोना जांच के लिए एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे व्यक्ति महिला या पुरुष जिन्हें पहले से ही कोई गंभीर बीमारी है। उन्हें कोरोना के दृष्टिकोण से वल्नरेबल माना जा रहा है। ऐसे लोगों में कोरोना संक्रमण के बाद गंभीर हालात बनने की संभावना होती है। इन्हें खास तौर पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष गठित होगी। जिसके जरिए टोल फ्री नंबर पर लोग संपर्क कर अपनी समस्याएं 24 घंटे रख सकेंगे। इस कक्ष का संचालन 3 शिफ्टों में होगा। इसके लिए अलग से कर्मियों व चिकित्सकों की तैनाती होगी। राज्य स्वास्थ समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सिविल सर्जन को पत्राचार कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है।
निर्देश पत्र में कहा गया है कि उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रोगों से गंभीर ग्रसित व्यक्तियों को कोरोना जांच कराने के लिए चिकित्सकीय नियंत्रण कक्ष के माध्यम से एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध कराई जाए। यदि 102 के तहत संचालित एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो नियंत्रण कक्ष के जरिए ऐसे लोगों को निजी तौर पर भी एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराएगी जाएगी। यह व्यवस्था नियंत्रण कक्ष के जरिए ही की जानी है।
कार्यपालक निदेशक के जारी किए गए पत्र के मुताबिक जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष की निगरानी जिला स्तरीय एक उच्च पदाधिकारी के अधीन होगी। इस तरह के केंद्र के संचालन शीघ्र शुरू किए जाएंगे। केंद्रीयकृत कोरोना से संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही इम्यूनिटी बूस्टिंग के उपाय भी सुझाए जाएंगे।की जा रही तैयारीसिविल सर्जन डॉक्टर अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि कार्यपालक निदेशक का निर्देश पत्र मिला है। जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इससे कई तरह की सुविधाएं आमजन को मिल सकेंगी।
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