- Hindi News
- Business
- The Slowdown In The Service Sector For The 5th Consecutive Month Service PMI Of July Was At 34 Point 2
नई दिल्ली12 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

इंडेक्स के 50 से नीचे रहने का मतलब संबंधित क्षेत्र में मंदी और 50 से ऊपर रहने का मतलब तेजी होता है
- अप्रैल 2014 के बाद सर्विस पीएमआई सबसे लंबे समय तक मंदी के दायरे में रही
- इससे पता चलता है कि इस कारोबारी साल में देश की जीडीपी 6% से ज्यादा गिर सकती है
देश का सेवा क्षेत्र जुलाई में भी मंदी के दायरे में रहा। बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में कहा गया कि कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण बाजार में मांग गायब हो गई और कंपनियों को अपना कारोबारी संचालन बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ा। इसके कारण कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की संख्या में और कमी की।
आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स जुलाई में मामूली सुधार के साथ 34.2 पर रहा। यह जून में 33.7 पर था। सुधार के बावजूद इंडेक्स 50 से काफी नीचे है। इतनी ज्यादा गिरावट का मतलब यह हुआ कि जुलाई में भी सर्विस सेक्टर का हाल बेहद खराब है और बाजार को मंदी से बाहर निकलने में अभी कई महीने और लग सकते हैं।
इंडेक्स 50 से जितना नीचे होता है, यह उतना ज्यादा गिरावट बताता है
सुधार के बावजूद सर्विस सेक्टर जुलाई में लगातार 5वें महीने गिरावट के दायरे में है। आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के मुताबिक इंडेक्स यदि 50 से नीचे रहता है, तो इसका मतलब यह होता है कि संबंधित क्षेत्र का उत्पादन घट गया है। यानी, क्षेत्र में मंदी का माहौल है। वहीं, यदि इंडेक्स 50 से ऊपर हो, तो इसका मतलब यह है कि सेक्टर में तेजी है। इंडेक्स 50 से जितना नीचे होता है, यह उतना ज्यादा गरावट दर्शाता है।
बाजार में तेजी आने में लगेंगे कई महीने
आईएचएस मार्किट के अर्थशास्त्री लेविस कूपर ने कहा कि इतना ज्यादा गिरावट से यही समझा जा सकता है कि किसी भी तरह की खास तेजी में कई महीने लग जाएंगे। ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक इस कारोबारी साल में देश की जीडीपी में 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ सकती है। सर्वेक्षण के मुताबिक कोरोनावायरस और लॉकडाउन के कारण सर्विस सेक्टर की गतिविधियों और ऑर्डर बुक में गिरावट आई है।
अगले 12 महीने का आउटलुक नकारात्मक
सर्विस सेक्टर में मांग कम रहने से कंपनियों ने जुलाई में अपने कर्मचारियों की संख्या में रिकॉर्ड दर के साथ कटौती की। कारोबारियों ने कहा कि ग्राहकों की ओर से मांग कम रहने और कारोबारी संचालन ठप रहने के कारण कर्मचारियों की छंटनी की गई। अगले 12 महीने के लिए उत्पादन का आउटलुक लगातार तीसरे महीने नकारात्मक रहा।
सर्विस और मैन्यूफैक्चरिंग दोनों सेक्टर्स में कुल मिलाकर गिरावट
सर्विस और मैन्यूफैक्चरिंग दोनों सेक्टर्स में कुल मिलाकर भी गिरावट रही। दोनों सेक्टरों का हाल बताने वाला कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जुलाई में और गिरकर 37.2 पर आ गया। जून में यह 37.8 पर था। इसका मतलब यह है कि जुलाई में भी प्राइवेट सेक्टर का हाल बेहद खराब है।
0