एक घंटा पहले
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अमिताभ बच्चन ने कवि प्रसून जोशी की कविता को गलती से अपने बाबूजी हरिवंश राय बच्चन की बताए जाने को लेकर ट्विटर पर माफी मांगी। (फोटो/वीडियो अमिताभ बच्चन की सोशल मीडिया वॉल से साभार)
- बुधवार रात को शेयर की थी अमिताभ बच्चन ने कविता
- ट्वीट करने के दौरान ट्वीट संख्या भी गलत लिख दी थी
महानायक अमिताभ बच्चन ने गुरुवार सुबह एक ट्वीट करते हुए अपनी एक गलती को लेकर माफी मांगी। बुधवार रात उन्होंने ट्विटर पर एक कविता पोस्ट की थी। जिसका रचयिता उन्होंने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन को बताया था। इसी को लेकर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि ये रचना कवि प्रसून जोशी की है। इस ट्वीट में उनसे ट्वीट नंबर भी गलत लिखा गया था, इसके लिए भी उन्होंने सॉरी कहा।
गुरुवार सुबह किए ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘भूल सुधार : कल T3617 पर जो कविता छपी थी, उसके लेखक, बाबूजी नहीं हैं। वो गलत था। उसकी रचना, कवि प्रसून जोशी ने की है। इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूँ।’ इसके बाद उन्होंने उस पूरी कविता को शेयर किया।
‘धरा हिला गगन गुंजा, नदी बहा पवन चला, विजय तेरी हो जय तेरी ज्योति सी जला जला, भुजा भुजा फड़क फड़क, रक्त में धड़क धड़क धनुष उठा प्रहार कर, तू सबसे पहले वार कर अग्नि सा धधक धधक, हिरण सा सजग सजग सिंह सी दहाड़ कर, शंख सी पुकार कर रुके न तू थके न तू, झुके न तू थमे न तू सदा चले रुके न तू, रुके न तू झुके न तू
रचयिता: कवि प्रसून जोशी’
CORRECTION : कल T 3617 pe जो कविता छपी थी , उसके लेखक , बाबूजी नहीं हैं । वो ग़लत था । उसकी रचना , कवि प्रसून जोशी ने की है ।
इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूँ । 🙏🙏
उनकी कविता ये है – pic.twitter.com/hZwgRq32U9— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) August 6, 2020
ट्वीट नंबर को लेकर भी हुई थी गलती
अमिताभ अपने हर ट्वीट के साथ उसकी संख्या का उल्लेख करते हैं। उस ट्वीट में कविता को शेयर करने के दौरान उनसे सिर्फ रचयिता के नाम में ही गलती नहीं हुई थी, बल्कि इसमें उन्होंने ट्वीट संख्या भी गलत लिख दी थी। इसका अहसास होते ही उन्होंने पहले इस गलती को सुधारा साथ ही माफी भी मांगी। उन्होंने लिखा, ‘पिछला ट्वीट T 3617 था… ना कि 3817… सॉरी’
T 3617 – the previous tweet is T 3617 … NOT 3817 .. sorry
— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) August 5, 2020
लिखा- ‘अकेलेपन का बल पहचान’
इससे पिछले ट्वीट में बिग बी ने कविता की कुछ पंक्तियां शेयर की थीं। जिसके अंत में उन्होंने रचयिता के तौर पर अपने बाबूजी हरिवंश राय बच्चन का नाम hrb लिखा था।
T 3817 –
‘अकेलेपन का बल पहचान
शब्द कहाँ जो तुझको टोके
हाथ कहाँ जो तुझको रोके
राह वही है, दिशा वही है, तू करे जिधर प्रस्थान
अकेलेपन का बल पहचान ।जब तू चाहे तब मुसकाए,
जब चाहे तब अश्रु बहाए,
राग वही तू जिसमें गाना चाहे अपना गान ।
अकेलेपन का बल पहचान ।’~ hrb pic.twitter.com/GDIpfrpVtz
— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) August 5, 2020
कोरोना को लात मारते हुए दिखे अमिताभ
बुधवार रात ही शेयर किए एक अन्य ट्वीट में अमिताभ कोरोना वायरस को किक मारते दिखे थे। उन्होंने एक फोटो शेयर किया, जिसमें वे कोरोना वायरस को किक मारते नजर आ रहे हैं, इस फोटो में उनके करीब अभिषेक बच्चन भी खड़े हुए हैं।
T 3617 –
तू न रुकेगा कभी ; यू ना मुड़ेगा कभी ; तू ना झुकेगा कभी ;
कर शपथ कर शपथ कर शपथ ;
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ !! pic.twitter.com/hNkFUIIw9K— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) August 5, 2020
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