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- Latest News Updates; Sri Lanka Election: Early Results Show Rajapaksa Clan Heading For Landslide Win
कोलंबोएक घंटा पहले
राजपक्षे भाइयों का गठबंधन 150 से ज्यादा सीटें जीतना चाहता है, ताकि संवैधानिक बदलाव कर राष्ट्रपति की शक्तियां बढ़ाई जा सके। फोटो में बाईं तरफ प्रधानमंत्री महिंदा और दाईं तरफ राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे। (फाइल)
- सिंहली बहुसंख्यकों के इलाके दक्षिण में एसएलपीपी को 60% वोट मिले
- तमिल अल्पसंख्यक वाले उत्तर में एसएलपीपी की सहयोगी पार्टियों की जीत
श्रीलंका के आम चुनावों में राजपक्षे परिवार की श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) भारी बहुमत से जीत हासिल करती दिख रही है। अभी रुझान सामने आ रहे हैं। ऑफिशियल रिजल्ट शुक्रवार सुबह घोषित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फोन कर श्रीलंका के पीएम महिंदा राजपक्षे को शुभकामनाएं दी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, श्रीलंका में कोरोना के बावजूद चुनाव को प्रभावी ढंग से कराने को लेकर मोदी ने वहां की सरकार और निर्वाचन आयोग की सराहना की है।
राजपक्षे ने मोदी को धन्यवाद किया
इसके बाद राजपक्षे ने ट्वीट कर पीएम मोदी को जीत की बधाई देने के लिए धन्यवाद दिया। श्रीलंका के लोगों के मजबूत समर्थन के साथ, हम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। श्रीलंका और भारत मित्र और संबंधी हैं।
राजपक्षे के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए मोदी ने कहा- आपसे बात करके खुशी हुई। एक बार फिर आपको बहुत धन्यवाद। हम द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों को आगे बढ़ाने और अपने विशेष संबंधों को हमेशा नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
Thank you, Prime Minister @PresRajapaksa! It was a pleasure to speak to you. Once again, many congratulations. We will work together to further advance all areas of bilateral cooperation and to take our special ties to ever newer heights. https://t.co/123ahoxlMo
— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2020
देश के दक्षिणी हिस्से में एसएलपीपी ने करीब 60% वोट हासिल किए हैं। यहां बहुसंख्यक सिंहली समुदाय है। इसे एसएलपीपी का वोट बैंक माना जाता है। उत्तर में तमिल अल्पसंख्यकों का दबदबा है। यहां पर जाफना के पोलिंग डिवीजन में एसएलपीपी की सहयोगी एलम पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (ईपीडीपी) ने तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) को हराया है। जबकि, जाफना जिले के ही दूसरे डिवीजन में ईपीडीपी को हार मिली है।
गुरुवार को जैसे ही काउंटिंग शुरू हुई एसएलपीपी फाउंडर बासिल राजपक्षे ने कहा- हम सरकार बनाने जा रहे हैं। बासिल राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे और पीएम महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई हैं।
सजित प्रेमदासा की पार्टी टक्कर में
एसएलपीपी को टक्कर सजित प्रेमदासा की एसजेबी पार्टी से मिल रही है। यह देश की सबसे पुरानी पार्टी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) से अलग होकर बनी है। मार्क्सवादी जनतंत्र विमुक्ति पेरमुना (जेवीपी) ने यूएनपी से बेहतर प्रदर्शन किया है। अब तक के रुझानों में यूएनपी चौथे स्थान पर दिख रही है।
बहुमत के लिए 113 सीटें जरूरी
श्रीलंका में बुधवार को चुनाव हुए थे। गुरुवार को काउंटिंग शुरू हुई। शुक्रवार सुबह आधिकारिक तौर पर परिणाम घोषित किए जाएंगे। कुल 225 सीटें हैं। बहुमत के लिए 113 सीटें चाहिए। राजपक्षे भाइयों का गठबंधन 150 से ज्यादा सीटें जीतना चाहता है, ताकि संवैधानिक बदलाव कर राष्ट्रपति की शक्तियां बढ़ाईं जा सकें।
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