कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तेजी से बढ़ते जा रहे कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लॉक डाउन के बीच भी पश्चिम बंगाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय चार्टर्ड प्लेन के प्रवेश के लिए सशर्त अनुमति दी है। मिली जानकारी के अनुसार 10 अगस्त के बाद से चार्टर्ड विमान विदेशों से बंगाल के हवाई अड्डों पर लैंड कर सकेंगे। किसी भी चार्टर्ड विमान के बंगाल आने से पहले उसके बारे में राज्य सरकार को पूरी जानकारी देनी होगी। उसके बाद सोच-विचार करके सरकार की तरफ से अनुमति दी जाएगी। सभी चार्टर्ड विमानों को कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मामला-दर-मामला आधार पर इस बाबत निर्णय लिया जाएगा कि किस चार्टर्ड विमान को राज्य के किस हवाई अड्डे पर लैंड करने की अनुमति प्रदान की जाए।
चार्टर्ड विमान से आने वाले यात्रियों को क्वारंटाइन पर जाने की बाध्यता नहीं होगी। हालांकि चार्टर्ड विमान में चढ़ने से पहले सभी यात्रियों को अपना कोरोना टेस्ट करवाना होगा और 96 घंटे के अंदर उसकी रिपोर्ट मिल जानी चाहिए। कोलकाता आने से पहले यात्रियों को अपने बारे में कई बातों की जानकारी भी सरकार को देनी होगी। किसी प्रकार का तथ्य छुपाने पर सरकार की तरफ से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ममता सरकार के इस फैसले से एयरलाइन कंपनियां में खुशी हैं। इंडिगो, गो-एयर एवं स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस कंपनियों ने विदेशों में फंसे बंगाल के लोगों को चार्टर्ड विमानों से लाने की तैयारियां शुरू कर दी है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इस समय बंद हैं। भारत के छह शहरों से कोलकाता के लिए उड़ानें भी बंद कर दी गई हैं। ऐसे में चार्टर्ड विमानों का परिचालन शुरू होने से विदेशों में फंसे लोगों को लाया जा सकेगा।
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