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हॉन्गकॉन्ग29 मिनट पहले
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हॉन्गकॉन्ग में सोमवार को हिरासत में लिए गए एप्पल डेली न्यूजपेपर के संस्थापक जिम्मी लाई (बीच में)। उनपर देशद्रोह के आरोप लगे हैं।
- हॉन्गकॉन्ग में एप्पल डेली न्यूजपेपर के संस्थापक है जिम्मी लाई
- उनके दो बेटों और न्यूजपेपर के सीईओ को भी गिरफ्तार किया गया
हॉन्गकॉन्ग के लोकतंत्र समर्थक मीडिया दिग्गज जिम्मी लाई को सोमवार को चीन के नए सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर दूसरे देशों से मिलीभगत कर सरकार के खिलाफ साजिश करने के आरोप लगे हैं। जिम्मी हॉन्गकॉन्ग में ‘एप्पल डेली’ न्यूजपेपर के संस्थापक है। टैबलॉइड स्टाइल का यह न्यूजपेपर 1995 से निकल रहा है।
एप्पल डेली के सीईओ भी गिरफ्तार
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (एससीएमपी) ने सूत्रों के हवाले से खबर दी कि लाई के दो बेटों, एप्पल डेली के सीनियर एग्जीक्यूटिव चेंग किम-हुंग और चीफ फाइनेंशियल आफिसर चाऊ टैट-क्युन को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर देशद्रोह और धोखा देने के आरोप लगे हैं। लाई के साथी मार्क सिमन की भी हॉन्गकॉन्ग पुलिस को तलाश है। हालांकि, वह इन दिनों शहर में नहीं है।
जिम्मी लाई अपने पेपर के जरिए लोकतंत्र की आवाज बुलंद करते रहे हैं। उन्होंने कई बार चीन की सरकार के खिलाफ भी छापा है। इसके साथ ही वह पेपर के जरिए लोगों से प्रदर्शनों में हिस्सा लेने को भी कहते रहे हैं।
लोगों की आवाज दबाने के लिए चल रहा ऑपरेशन
नए सुरक्षा कानून के पास होने के बाद पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को 39 से 72 साल की उम्र तक वाले सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। हॉन्गकॉन्ग में अब तक केवल प्रदर्शनों में शामिल होने वालों पर ही कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस ने कहा कि अब इन प्रदर्शनों से दूर लेकिन, सरकार विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है।
क्या है चीन का नया सुरक्षा कानून?
चीन के नए सुरक्षा कानून में हॉन्गकॉन्ग में देशद्रोह, आतंकवाद, विदेशी दखल और विरोध करने जैसी गतिविधियां रोकने के प्रावधान हैं। इसके तहत चीनी सुरक्षा एजेंसियां, हॉन्गकॉन्ग में काम कर सकती हैं। इससे पहले चीनी एजेंसियां को यह अधिकार नहीं था। इस कानून के तहत हॉन्गकॉन्ग में चीन के खिलाफ प्रदर्शन करना भी देशद्रोह माना जाता है। दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। कई मानवाधिकार संगठनों और अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय सरकारों ने भी इस कानून का विरोध किया है।
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