Delhi: Defence Minister Rajnath Singh attends the inaugural session of ‘Atmanirbharta Saptah’ at South Block. pic.twitter.com/FR2WKT9JKl
— ANI (@ANI) August 10, 2020
इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने पहली बार 101 वस्तुओं की सूची निकाली है जो अब हम आयात नहीं करेंगे। इस सूची को हम निगेटिव लिस्ट कहते हैं। इसमें सिर्फ छोटी वस्तुएं ही नहीं बल्कि बड़ी और गहन तकनीक वाली हथियार प्रणाली भी शामिल हैं।’
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज, रक्षा मंत्रालय के डीडीपी, डीपीएसयू और ओएफबी द्वारा मिलकर शुरू किए जा रहे ‘आत्मनिर्भर भारत सप्ताह’ के उद्घाटन के अवसर पर, आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। इस सप्ताह के दौरान होने वाली सभी गतिविधियां, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देंगी।
सिंह ने आगे कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ का सपना, इस महामारी के कठिन समय में, न केवल आर्थिक वृद्धि के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि उससे कहीं अधिक हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक लक्ष्य है।’ उन्होंने कहा कि नया भारत ऐसा होगा जो रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में स्वावलंबी होगा।
उन्होंने कहा, अगर हम भारत में वस्तुओं का उत्पादन करने में सक्षम हो जाते हैं तो हम देश की एक बड़ी पूंजी को बचाने में सफल हो जाएंगे। इस पूंजी की मदद से करीब सात हजार एमएसएमई (मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योग) को प्रोत्साहित किया जा सकेगा जो रक्षा उद्योग से जुड़े हैं।
इससे पहले उन्होंने एक ट्वीट में कहा था कि रक्षा मंत्रालय ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को आगे बढ़ाने के लिए अब बड़े कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि कोरोना जैसी महामारी ने पूरी दुनिया को यह बता दिया है कि जो देश आत्मनिर्भर नही होंगे वे अपनी संप्रभुता की भी सही मायनों में रक्षा नही कर सकेंगे।
एक अन्य ट्वीट में राजनाथ सिंह ने कहा था कि यह आत्मनिर्भर भारत कैसा होना चाहिए इसको लेकर किसी के मन में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा जो रोटी, कपड़ा, मकान के साथ साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में भी आत्मनिर्भर होगा।
