- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Rajasthan Independent Mla Khushveer Singh And Om Prakash Hudla, Sachin Pilot And Ashok Gehlot Latest News Update
जयपुर16 मिनट पहलेलेखक: विष्णु शर्मा
- कॉपी लिंक

मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह।
- खुशवीर बोले- सरकार इसकी एजेंसियों से जांच करवाए हम दोषी है तो सजा होनी चाहिए, जेल होनी चाहिए
- हुड़ला बोले- भाजपा के किसी भी नेता का मेरे पास फोन नहीं आया। न ही किसी से संपर्क हुआ
राजस्थान में सियासी घमासान के अंत के साथ ही मंगलवार को तीन पायलट समर्थक निर्दलीय विधायक अशोक गहलोत से मिलने पहुंचे। इस दौरान भास्कर ने मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह जोजावर और महुआ से विधायक ओम प्रकाश डुड़ला, से बात की। उन्होंने बताया कि गुजरात अपने ससुराल गया हुआ था। वहां अपना इलाज करवाना था। आज मुख्यमंत्री से मिलकर आया। मैने कोई बात मुख्यमंत्री के सामने नहीं रखी। मुझसे जरूर पूछा गया कि इतने दिन से संपर्क नहीं किया।
खुशवीर सिंह ने बताया कि जब हम मुख्यमंत्री से मिलकर गए तो मेरा फोन विधायक की गाड़ी में रह गया। जिसके बाद मैं गुजरात निकल गया। जिसके तीन चार दिन बाद सुरेश जी ने मुझ से संपर्क किया। मुझे बताया गया कि इस तरह का मुकदमा दर्ज किया गया। जिसके बाद सदस्यता समाप्त कर दी गई है। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने मीडिया में बातें भी कही।
सवाल- एसीबी में आपके खिलाफ पीई दर्द की, खरीद-फरोख्त के आरोप लगे?
खुशवीर बोले की राजनीति में आरोप तो लगते रहते हैं। लोग अपने नंबर बढ़ाने के लिए ऐसी बात करते हैं। बातों को घुमाकर पेश किया जा रहा है। राजनीति में हर व्यक्ति अपने नंबर बढ़ाना चाहता है। किसी को संसदीय सचिव बनना है। किसी को मंत्री बनना है। सरकार इसकी जांच कराए। निर्दोष है तो सरकार को सोचना चाहिए गलती किसकी। सरकार के पास एजेंसी है। एसीबी-एसओजी सब है। सरकार इसकी जांच करवाए। हम दोषी है तो सजा होनी चाहिए। जेल होनी चाहिए। निर्दोष हैं तो सरकार को सोचना चाहिए गलती किसकी रही है। हमें जनता को जवाब देना है। सरकार को जवाब नहीं देना है।
सवाल- मुख्यमंत्री से किस तरह की चर्चा हुई?
खुशवीर बोले – मुख्यमंत्री से सिर्फ विकास के संबंध में बात हुई। हमने सरकार को विकास के लिए समर्थन दिया था। डेढ़ साल से बिना किसी शर्त के सपोर्ट रखा है। रात को 12 बजे तक सदन चला तो हम उपस्थित रहे। सरकार का हर बिल पास कराने में हम साथ रहे। राज्यसभा में भी साथ थे। साथ ही पेयजल योजना और सड़कों पर भी बात हुई।
सवाल- जब आप गुजरात थे तो तीनों एक साथ जयपुर कैसे पहुंचे?
खुशवीर बोले- मेरी हुड़ला और टांक जी से बात हुए थी। मुझे चार दिन बाद आना था। इनका फोन आया कि हम जा रहे हैं आपको भी आना है। हमने मुख्यमंत्री को वादा किया है मिलने का।
सवाल- इस घटनाक्रम में किसी हार हुई किसी जीत?
खुशवीर बोले- इसको तो आप एनालिसिस कर सकते हो। हम तो एक निर्दलीय विधायक हैं। जनता ने हमें दोनों पार्टियों से अलग आशिर्वाद दिया है। अगर किसी पार्टी में होते तो इस पर जरूर टिप्पणी करते। हमने कांग्रेस को समर्थन दे दिया। सरकार को लेने हा या नहीं उन्हें सोचना है।
कांग्रेस ने आपका सदस्यता सूची से आपका नाम हटाया, अब उसको लेकर क्या होगा?
खुशवीर बोले- सरकार की इच्छा है रखना चाहे तो रख सकती है। हम निर्दलीय तो रहेंगे ही। हमने सरकार को विकास के लिए समर्थन के लिए वोट दिया है।
एक महीने में सचिन पायलट गुट से किसी तरह की बातचीत हुई?
खुशवीर बोले- मेरी सचिन पायलट जी से कोई बात नहीं हूई। न संपर्क हुआ। साथ ही किसी अन्य पार्टी या किसी दूसरे घटक से बात नहीं हुई थी।
महुआ से विधायक ओम प्रकाश हुड़ला से बातचीत

महुवा से निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला।
सवाल- एक महीने का पूरा घटनाक्रम हुआ, अचानक आज सबसे सामने क्यों आए?
हुड़ला बोले- विधायक खरीद फरोख्त का मामला सामने आया था। सरकार ने एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसको लेकर मन में एक पीड़ा था। जिसके बाद बच्चों से मिलने दिल्ली चला गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत समेत तमाम मंत्रियों के हमारे पास फोन आए। बात ही हुई थी। हमारी एक ही बात ती कि जो मुकदमा झूठा दर्ज कराया है। ये वापस होना चाहिए। इसकी जांच होनी चाहिए। जिससे दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। ये कहते हैं कि मैने विधायक के खरीद-फरोख्त की बात की। अगर उनके पास ऐसा कुछ हैं तो दें। दूसरी बात जब मुकदमा वापस हो गया है। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने बुलाया तो हम गए।
सवाल- सचिन पायलट की बगावत को आप किस तरह से देखते हैं?
हुड़ला बोले- कांग्रेस की जो भी बात है वो उनकी अंदरूनी बात है। इस पर उन्हीं से बात की जाए।
सवाल- आप पर जो मुकदमा दर्ज किया गया, क्या इसमें किसी का हाथ है?
हुड़ला बोले- इसमें क्या कह सकते हैं। सभी अधिकारी सरकार के इशारे पर काम करते हैं। इसलिए सरकार ही जिम्मेदार है।
सवाल- 32 दिन बाद ही अब एक साथ क्यों आए?
हुड़ला बोले- हमारे खिलाफ जब मुकदमा दर्ज हुआ। तब शक हुआ कि इस सबके बीच हमारे खिलाफ कोई अनावश्यक कार्रवाई हो जाए। उससे बचाव के लिए हम अपने घर पर रहे। इसके बीच दूसरे और तीसरे पक्ष के लोग भी खींचने में लगे थे। इसलिए हमने घर रहने का ही निर्णय लिया। अपने क्षेत्र की जनता के विकास पर ध्यान दिया।
सवाल- आप भाजपा में रहे हैं, क्या कोई ऑफर दिया गया?
हुड़ला बोले- भाजपा के किसी भी नेता का मेरे पास फोन नहीं आया। न ही किसी से संपर्क हुआ।
तीनों निर्दलीय विधायक पर एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज की थी
महुवा से निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला, मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह तथा किशनगढ़ से विधायक सुरेश टांक के खिलाफ विधायकाें की खरीद फराेख्त के प्रयास के मामले में एसीबी द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
0
