जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में करीब एक महीने तक चले सियासी ड्रामे के बाद सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) ने गुरुवार को ‘सचिन पायलट (Sachin Pilot) के साथ मिलाप कर लिया. पहले जिसे उन्होंने निकम्मा और नकारा कहा था आज उसी सचिन पायलट को फोन करके कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए निमंत्रित किया. जिसके बाद पायलट जयपुर में सीएम निवास पहुंचे और अशोक गहलोत समेत बाकी नेताओं से हाथ मिलाया. पायलट के वापस लौटने से खुश गहलोत ने कहा कि पार्टी में अब सब ठीक हो गया है.
विधायक दल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हम खुद विश्वास प्रस्ताव लाएंगे. उन्होंने कहा कि जो बातें हुईं उन्हें भुला दें. हम 19 एमएलए के बिना भी बहुमत साबित कर देते लेकिन वह खुशी नहीं होती. उन्होंने कहा, ‘अपने अपने होते हैं’.
आपको बता दें कि राजस्थान में शुक्रवार से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को BJP की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी शामिल हुईं. जबकि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रतिनिधि ने भी बैठक में हिस्सा लिया.
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इस बैठक में कल राजस्थान विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया गया. बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि बैठक में विधायकों से अविश्वास प्रस्ताव पर दस्तखत भी करा लिए गए हैं. कटारिया ने कहा कि विधायक दल की बैठक में 71 विधायक शामिल थे. बीजेपी की सहयोगी पार्टी आरएलपी के तीन विधायक भी इसमें मौजूद थे.
बता दें कि राजस्थान के डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष रहे सचिन पायलट ने पिछले महीने करीब 18 विधायकों के साथ सीएम अशोक गहलोत से बगावत कर दी थी. पायलट का आरोप था कि उन्हें पद तो मिला लेकिन जानबूझकर उन्हें कोई अधिकार नहीं दिए गए. जिससे वे जनता के कल्याणकारी काम करवा सकें. उन्होंने अफसरों पर उन्हें नजरअंदाज करने के आरोप भी लगाए.
बगावत के बाद से पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ गुरुग्राम के होटल में ठहरे हुए थी. उनकी बगावत के बाद पार्टी ने उन्हें डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर दिया था. सीएम गहलोत ने पार्टी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह ‘निकम्मा और नाकारा’ है. उसके जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उनके इस कड़वे बयान के बावजूद सचिन पायलट ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा कि मेरी लड़ाई मुद्दों पर है. मैं किसी के खिलाफ गलत टिप्पणी नहीं करेंगे.
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने पार्टी में दोबारा वापसी कर ली. इस मुद्दे पर गुरुवार को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई. सीनियर नेताओं के कहने पर सीएम अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को फोन कर आमंत्रित किया. जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. करीब 2 घंटे तक चली इस बैठक में सीएम अशोक गहलोत, सचिन पायलट, संगठन महासचिव और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे, केसी वेणुगोपाल, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला मौजूद रहे. इस दौरान नेताओं ने शुक्रवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र की रणनीति भी तैयार की.
उधर बीजेपी नेताओं ने भी गुरुवार को बैठक करके विधानसभा सत्र की रणनीति पर विचार किया. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी शामिल हुईं. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने कहा कि गहलोत सरकार के खिलाफ कल बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. इसके लिए 40 विधायकों के दस्तखत से प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. जिसे कल सदन में पेश किया जाएगा. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने बाद में राज्यपाल कल्याण मिश्रा से भी भेंट की. राज्यपाल ने ट्वीट कर बताया कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी और इसका अन्य कोई अर्थ नहीं था.
