न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 19 Aug 2020 12:54 PM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए सत्र 2020-21 का संशोधित पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। इससे छात्र आसानी से समझ सकेंगे कि इस साल कितने टॉपिक को पढ़ना है और किस टॉपिक के कितने अंक निर्धारित हैं। परिषद ने संशोधित पाठ्यक्रम को वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ ही इसे सभी शिक्षकों और छात्रों को मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
यूपी बोर्ड की किताबें पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार ही प्रकाशित की गई हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। इसे देखते हुए बोर्ड ने पाठ्यक्रम को 30 प्रतिशत कम करने का निर्णय किया था। हालांकि शिक्षकों को स्पष्ट जानकारी नहीं हो पा रही थी कि वे किस टॉपिक को पढ़ाएं और किसे न पढ़ाएं।
संशोधित पाठ्यक्रम में शुरू में वह हिस्सा दिया गया है, जो छात्रों को नहीं पढ़ना है। उसके बाद वे टॉपिक दिए गए हैं, जिनको इस सत्र में पढ़ना है। उदाहरण के तौर पर कक्षा 10 के हिंदी विषय के काव्य भाग के संशोधित पाठ्यक्रम में बताया गया है कि सुमित्रानंदन पंत की चंद्रलोक के प्रथम बार, महादेवी वर्मा की वर्षा सुंदरी के प्रति, माखनलाल चतुर्वेदी की जवानी, केदारनाथ सिंह की नदी, अशोक वाजपेयी की युवा जंगल नहीं पढ़नी है। वहीं, महादेवी वर्मा की हिमालय से, सुमित्रानंदन पंत की चींटी, माखनलाल चतुर्वेदी की पुष्प की अभिलाषा, अशोक वाजपेयी की भाषा एकमात्र अनंत है पढ़नी है। अन्य विषयों के भी टॉपिक को इसी तरह क्रमवार समझाया गया है।
संशोधित पाठ्यक्रम में यह भी बताया गया है कि किस टॉपिक से कितने अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे छात्र समझ सकेंगे कि किन विषयों के किस टॉपिक पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि वे ज्यादा से ज्यादा अंक पा सकें।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए सत्र 2020-21 का संशोधित पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। इससे छात्र आसानी से समझ सकेंगे कि इस साल कितने टॉपिक को पढ़ना है और किस टॉपिक के कितने अंक निर्धारित हैं। परिषद ने संशोधित पाठ्यक्रम को वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ ही इसे सभी शिक्षकों और छात्रों को मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
यूपी बोर्ड की किताबें पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार ही प्रकाशित की गई हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। इसे देखते हुए बोर्ड ने पाठ्यक्रम को 30 प्रतिशत कम करने का निर्णय किया था। हालांकि शिक्षकों को स्पष्ट जानकारी नहीं हो पा रही थी कि वे किस टॉपिक को पढ़ाएं और किसे न पढ़ाएं।
संशोधित पाठ्यक्रम में शुरू में वह हिस्सा दिया गया है, जो छात्रों को नहीं पढ़ना है। उसके बाद वे टॉपिक दिए गए हैं, जिनको इस सत्र में पढ़ना है। उदाहरण के तौर पर कक्षा 10 के हिंदी विषय के काव्य भाग के संशोधित पाठ्यक्रम में बताया गया है कि सुमित्रानंदन पंत की चंद्रलोक के प्रथम बार, महादेवी वर्मा की वर्षा सुंदरी के प्रति, माखनलाल चतुर्वेदी की जवानी, केदारनाथ सिंह की नदी, अशोक वाजपेयी की युवा जंगल नहीं पढ़नी है। वहीं, महादेवी वर्मा की हिमालय से, सुमित्रानंदन पंत की चींटी, माखनलाल चतुर्वेदी की पुष्प की अभिलाषा, अशोक वाजपेयी की भाषा एकमात्र अनंत है पढ़नी है। अन्य विषयों के भी टॉपिक को इसी तरह क्रमवार समझाया गया है।
संशोधित पाठ्यक्रम में यह भी बताया गया है कि किस टॉपिक से कितने अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे छात्र समझ सकेंगे कि किन विषयों के किस टॉपिक पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि वे ज्यादा से ज्यादा अंक पा सकें।
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Wed Aug 19 , 2020
By E.J. MundellHealthDay Reporter MONDAY, Aug. 17, 2020 (HealthDay News) Addictive e-cigarettes have made inroads among American teens, and government campaigns to prevent vaping among the young are everywhere. But a new survey suggests another focus: Helping teens already hooked on vaping to quit. The survey of nearly 500 12- […]