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सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव में अब तक कोई खास कमी नहीं आई है। भारतीय एजेंसियां पूरी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की वायुसेना की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। भारतीय बल किसी भी आपात स्थिति का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सरकारी सूत्रों का कहना है, ‘हम शिनजियांग और तिब्बत क्षेत्र में चीनी वायु सेना के होतान, गर गुंसा, काशगार, हॉपिंग, कोंका जांग, लिंझी और पंगत एयरबेस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ये सभी एयरबेस हाल के समय में काफी सक्रिय रहे हैं।’
सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में चीन की वायु सेना ने इन बेस को उन्नत बनाने पर काम किया है। यहां मजबूत शेल्टर बनाए गए हैं, रनवे की लंबाई बढ़ाई गई है और अधिक कार्रवाइयों को अंजाम देने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार उत्तर-पूर्वी राज्यों के सामने स्थित लिंझी एयरबेस मुख्यत: एक हेलीकॉप्टर बेस है। लेकिन, चीन ने यहां से भारतीय राज्यों पर अपनी निगरानी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए हेलीपैड्स का एक नेटवर्क तैयार किया है।
चीनी वायु सेना लद्दाख सेक्टर के पास अपने लड़ाकू विमानों की तैनाती कर रही है। इसमें सुखोई-30 का चीनी संस्करण और जे-सीरीज के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। हालांकि, भारतीय एजेंसियां सैटेलाइट और अन्य माध्यमों से इन पर कड़ी और लगातार नजर बनाए हुए हैं।
चीन की ओर से सैन्य गतिविधियां बढ़ाने के जवाब में भारत ने भी इन स्थानों पर अपनी स्थिति को मजबूत करना शुरू किया है। भारत ने अपने सुखोई-30एमकेआई, मिग-29 और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपने फॉरवर्ड एयरबेस पर तैनात किया है।
सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव में अब तक कोई खास कमी नहीं आई है। भारतीय एजेंसियां पूरी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की वायुसेना की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। भारतीय बल किसी भी आपात स्थिति का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सरकारी सूत्रों का कहना है, ‘हम शिनजियांग और तिब्बत क्षेत्र में चीनी वायु सेना के होतान, गर गुंसा, काशगार, हॉपिंग, कोंका जांग, लिंझी और पंगत एयरबेस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ये सभी एयरबेस हाल के समय में काफी सक्रिय रहे हैं।’
सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में चीन की वायु सेना ने इन बेस को उन्नत बनाने पर काम किया है। यहां मजबूत शेल्टर बनाए गए हैं, रनवे की लंबाई बढ़ाई गई है और अधिक कार्रवाइयों को अंजाम देने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार उत्तर-पूर्वी राज्यों के सामने स्थित लिंझी एयरबेस मुख्यत: एक हेलीकॉप्टर बेस है। लेकिन, चीन ने यहां से भारतीय राज्यों पर अपनी निगरानी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए हेलीपैड्स का एक नेटवर्क तैयार किया है।
चीनी वायु सेना लद्दाख सेक्टर के पास अपने लड़ाकू विमानों की तैनाती कर रही है। इसमें सुखोई-30 का चीनी संस्करण और जे-सीरीज के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। हालांकि, भारतीय एजेंसियां सैटेलाइट और अन्य माध्यमों से इन पर कड़ी और लगातार नजर बनाए हुए हैं।
चीन की ओर से सैन्य गतिविधियां बढ़ाने के जवाब में भारत ने भी इन स्थानों पर अपनी स्थिति को मजबूत करना शुरू किया है। भारत ने अपने सुखोई-30एमकेआई, मिग-29 और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपने फॉरवर्ड एयरबेस पर तैनात किया है।
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Thu Aug 20 , 2020
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