नई दिल्ली। भारत में प्राइवेट ट्रेन चलाने के पश्चात भारत सरकार भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन मतलब आईआरसीटीसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में लग गई है। मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों की माने तो, सरकार की तरफ से आईआरसीटीसी की यह हिस्सेदारी ओएफसी के जरिए बेची जाएगी।
इसके लिए विनिवेश विभाग की तरफ से मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति की खाति बोलियां मंगायी गई है। ख़बरों के मुताबिक इसके लिए आगामी 3 सितंबर को एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की जाएगी। अभी, आईआरसीटीसी में सरकार की 80 प्रतिशत से ज्यादा की हिस्सेदारी है।
सरकार ने 4 से 10 सितंबर के मध्य निवेशकों से बोली लगाने को बोला
सरकार ने विनिवेश प्रक्रिया हेतु 4 से 10 सितंबर के मध्य बोली मंगवाई है। इसे 11 सितंबर को खोला जाएगा। इससे पूर्व 3 सितंबर को प्री-बीड मीटिंग होगी। सरकार ऑफर सेल समाप्त होने के पश्चात अपने कर्मचारियों को डिस्काउंट रेट या फिर निर्धारित रेट पर शेयर आवंटित कर सकती है। हालांकि IRCTC के कर्मचारियों को कितने शेयर आवंटित किए जाएंगे, इसका निर्णय बाद में होगा।
इसके लिए बोली लगाने वालों हेतु कुछ शर्तें तय की गई हैं। इसके अनुसार इन्होंने अप्रैल 2017 से 2020 के मध्य 1000 करोड़ से ज्यादा के घरेलू इक्विटी इश्यू की प्रक्रिया पूरी की हो। इच्छुक पार्टियां भिन्न से या फिर कंसोर्टियम के तहत बोली लगा सकती हैं। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन इनवेस्टर्स अंतर मंत्रालय समूह को इस संबंध में प्रजेंटेशन प्रदान करेंगे। इसके बाद आखिरी निर्णय लिया जाएगा।
बीते वर्ष आया था IRCTC का आईपीओ
IRCTC भारतीय रेलवे हेतु ऑनलाइन टिकट तथा कैटरिंग सर्विस मुहैया कराती है। रेलगाड़ियों और सभी रेलवे स्टेशनों पर बोतलबंद पानी भी मुहैया कराती है। आईआरसीटीसी का आईपीओ बीते वर्ष आया था। इसे भारी समर्थन प्राप्त हुआ था। बीते बुधवार को मुंबई स्टॉक एक्सचेंज के में आईआरसीटीसी के शेयर 1.06 प्रतिशत घटकर 1,363 रुपये पर बंद हुए थे।
यह खबर भी पढ़े: प्रदेश में दो दिन बाद फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर, जबलपुर- ग्वालियर संभाग में यलो अलर्ट
