40 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
- सीबीआई ने सुशांत डेथ मिस्ट्री की जांच के लिए 10 सदस्यों की एक एसआईटी गठित की है, जो 3 हिस्सों में होगी
- आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर से अलग हत्या का मामला दर्ज करने के लिए सीनियर एडवोकेट ने की अपील
सुशांत केस की सीबीआई जांच के आदेश के बाद ही सीबीआई की टीम एक्टिव हो गई है। ये वो टीम है, जिसने विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे मामलों की जांच की है। अब इस टीम के साथ वो फॉरेंसिक एक्सपर्ट जुड़ गए हैं, जिन्होंने सुनंदा पुष्कर और शीना बोरा जैसे मामलों की जांच की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की जांच टीम में अब टॉप फॉरेंसिक डॉक्टर सुधीर गुप्ता भी शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (एसआईटी) ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि सुशांत ने आत्महत्या की थी, या फिर कोई और वजह थी। इसके लिए एसआईटी क्राइम सीन री-क्रिएट करने की कोशिश करेगी। इस दौरान सुशांत की अटॉप्सी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अलावा फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच भी की जाएगी।
मुंबई पुलिस से एसआईटी टीम ने दस्तावेज मांगे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में एसआईटी की टीम को गुरुवार को पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया ये भी जा रहा है कि टीम ने मुंबई पुलिस से सुशांत केस की फाइल्स और सभी सबूतों भी मांगे हैं। इसके अलावा पहले चरण की जांच में 6 लोगों से सवाल-जवाब किए गए हैं। हालांकि, इस बारे में सीबीआई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
एसआईटी टीम इसलिए है खास
एसआईटी टीम का नेतृत्व गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर मनोज शशिधर करेंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। चार सदस्यों वाली एसआईटी टीम में गगनदीप गंभीर और नुपूर प्रसाद को भी रखा गया है ताकि महिला आरोपियों से पूछताछ में दिक्कत न हो। इस मामले में अनिल यादव जांच अधिकारी रहेंगे।
- मनोज शशिधर गुजरात कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं। जनवरी में ही सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर बनाए गए हैं। पहले विजय माल्या केस की जांच की निगरानी कर चुके हैं।
- गगनदीप गंभीर गुजरात कैडर की 2004 बैच की आईपीएस अफसर हैं और सीबीआई में उन्हें घोटालों की जांच में महारथी माना जाता है।
- नुपूर प्रसाद 2007 बैच की एजीएमयूटी कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। सीबीआई की तेजतर्रार महिला अधिकारियों के रूप में गिना जाता है।
- डीएसपी अनिल कुमार यादव मध्यप्रदेश से हैं। मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले से जुड़े लोगों की मौत की जांच उन्होंने ही की है। यादव कॉमनवेल्थ घोटाले और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में भी जांच टीम का हिस्सा रहे हैं।
अब हत्या की एफआईआर दर्ज करवाने अपील
इस बीच एक वरिष्ठ वकील ने सीबीआई प्रमुख को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। वकील अटल बिहारी दुबे ने ट्विटर पर इस पत्र की फोटो शेयर की हैं। जिसमें वकील ने कई पॉइंट्स की एक लिस्ट भी दी है जिसके आधार पर उन्होंने सुशांत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था।
सुशांत केस में सीबीआई जांच से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं..
0