गुड़गांव13 घंटे पहले
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कॉलेजों में कार्यरत बीमार, गर्भवती महिला, दिव्यांग टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ एक महीने तक वर्क फ्रॉम होम करेंगे। कोविड-19 के चलते हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने प्रदेश के सभी कॉलेजों के लिए यह आदेश जारी किए हैं। कॉलेजों के प्राचार्य को कहा गया है कि इस दौरान गर्भवती और दिव्यांग कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें घर से ही काम करने की छूट दी जाए। अन्य किसी भी बीमारी से जूझ रहे शिक्षक व अन्य कर्मचारी को भी घर से काम करने की इस दौरान छूट मिलेगी। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि घर से काम के दौरान ऐसे कर्मचारियों को कॉलेज प्राचार्य की ओर से काम लिया जाएगा। वहीं कर्मचारियों को उनकी ओर से किए गए कार्यों की साप्ताहिक रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी। इस अवधि के दौरान उन्होंने जो काम किया है, यह रिपोर्ट प्राचार्य को भेजनी होगी। इसके बाद यह रिपोर्ट प्राचार्य के माध्यम से शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। दरअसल, 4 अगस्त से दोबारा से कॉलेजों को नियमित रूप से खोल दिया गया है। छात्रों के अलावा टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को बुलाया जा रहा है। नए सत्र की एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है लेकिन कोविड को देखते हुए गर्भवती दिव्यांग व अन्य किसी बीमारी से पीड़ित टीचिंग नॉन टीचिंग स्टाफ को कॉलेज में आने की अभी परमिशन नहीं होगी।
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