जयपुर29 मिनट पहले
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एडिशनल डीसीपी सुनीता मीणा ने गणेश चतुर्थी व विभिन्न आयोजनों में पीओपी के गणेश की बजाय इको-फ्रेंडली मिट्टी के बने गणेश प्रतिमा खरीदने और घर के आँगन में ही विसर्जन करने की अपील की है
- जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में पदस्थापित एडिशनल डीसीपी सुनीता मीणा के निर्देशन में चला अभियान
- महिला पुलिसकर्मियों ने की थी अपील- पीओपी से बनी मूर्तियों के बजाए खरीदें मिट्टी के बने गणेश
जयपुर पुलिस की निर्भया स्क्वायड की महिला पुलिसकर्मियों ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर ईको फ्रेंडली गणेश चतुर्थी मनाकर अनूठा संदेश दिया। जिसमें महिला पुलिसकर्मियों ने मिट्टी के गणेश की जी मूर्ति पूजा के लिए बनाई। इसमें खासकर तौर पर विभिन्न पुष्प और फलों के बीज भी डाले गए। ताकि घरों में प्रतिमा विसर्जन के बाद इसका अनादर नहीं हो और मिट्टी से बनी भगवान श्री गणेश की मूर्ति के पानी में घुलने के बाद बीज अंकुरित हों और अपने घर के आंगन में एक पौधा बन सकें। इससे पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में भी सहयोग मिल सकेगा।

निर्भया स्क्वायड में पदस्थापित महिला पुलिसकर्मी ईको फ्रेंडली मिट्टी के गणेश की प्रतिमा बनाते हुए
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में पदस्थापित निर्भया स्क्वायड की नोडल प्रभारी एडिशनल डीसीपी सुनीता मीना ने बताया कि इस बार गणेश चतुर्थी पर ईको फ्रेंडली जन्मोत्सव मनाने के बारे में सोचा गया। इसके लिए आमजन सहित पुलिसकर्मियों से बीज वाले मिट्टी के गणेश जी को घर में आमंत्रित करने की अपील की गई थी। इसके लिए स्क्वायड में तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी के साथ वक्त मिलने पर मिट्टी के गणेश जी की मूर्तियां बनाई। इसमें बीज डाले और अपने घर के आंगन में रखे गमले में विसर्जित करें। पुलिसकर्मियों ने आमजन को भी मिट्टी से बनी यह प्रतिमाएं वितरित की।

निर्भया स्क्वायड में पदस्थापित महिला पुलिसकर्मी अपनी साथी पुलिसकर्मी को ईको फ्रेंडली मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा वितरित करते हुए
मूर्ति को गमले में डालकर विसर्जित करने पर बनेगा पौधा
नोडल अधिकारी एडिशनल डीसीपी सुनीता मीना ने बताया कि गणेश चतुर्थी के अवसर पर इस बार पीओपी के गणेश की बजाय इको-फ्रेंडली मिट्टी के बने गणेश प्रतिमा खरीदने और घर के आँगन में ही विसर्जन करने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि आजकल बाजार में ऐसी मूर्तियां भी मिलती हैं जो मिट्टी से तो बनी होती ही हैं साथ ही में इनमें किसी पौधे का बीज भी होता है। मूर्ति को गमले में डालकर विसर्जित करने पर बीज मिट्टी के साथ मिल जाएगा। थोड़े दिनों बाद पौधा उगने लगेगा। जो कि पर्यावरण संरक्षण में भी उपयोगी होगा।
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