Varanasi: Police Uncle Narrates The Story Of The Immortal Martyrs Revolutionaries – वाराणसी: क्या आप जानते हैं ऐसी चौकी के बारे में जहां लगती है पाठशाला, पुलिस अंकल सुनाते हैं शहीद क्रांतिकारियों की गाथा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 24 Aug 2020 12:36 AM IST

बच्चों को पढ़ाते दरोगा अनिल कुमार
– फोटो : अमर उजाला

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पुलिस का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में खाकी वर्दी पहने कड़क मिजाज और रौबीले शख्स की तस्वीर उभरती है। हालांकि, वाराणसी पुलिस के कोतवाली थाने की अंबियां मंडी चौकी इंचार्ज अनिल कुमार मिश्रा इस मामले में बिल्कुल अलग हैं।

दरोगा अनिल कुमार मिश्रा अपनी चौकी में रोजाना शाम के समय पाठशाला लगाते हैं। इस पाठशाला में क्षेत्र के बच्चों को न सिर्फ वह पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 में देश के आजाद होने तक अंग्रेजों से लोहा लेने वाले अमर शहीद क्रांतिकारियों और महापुरुषों की कहानियां सुनाते हैं। इसके साथ ही बच्चों को समझाते हैं कि वे अपने आसपास होने वाली गलत गतिविधियों का विरोध कर आपराधिक गतिविधियों पर शिकंजा कसने में पुलिस की मदद करें। पुलिस उनकी मित्र है।
 
बच्चे भी बड़े चाव से अनिल अंकल से महात्मा गांधी, सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाषचंद्र बोष, बाल गंगाधर तिलक, बटुकेश्वर दत्त, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, मंगल पांडेय, रानी चिन्नमा आदि की कहानियां सुनते हैं।
 

दरअसल, अंबियां मंडी पुलिस चौकी के आसपास बड़ी संख्या में गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवार के लोग रहते हैं। इन परिवारों के अधिकतर लोग छोटे-मोटे काम करते हैं। इनके बच्चे स्कूल के बाद खाली समय में इधर-उधर घूमा करते हैं, जिससे इनके गलत संगत में पड़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा परिवार में रहने वाली छोटी बच्चियों के साथ अपराध होने का खतरा भी रहता है। ऐसे में चौकी प्रभारी अनिल ने पाठशाला के जरिए यहां के बच्चों को पढ़ाने और उन्हें आत्मरक्षा में निपुण करने का बीड़ा उठाया है।

बच्चों को पुलिस अंकल रोजाना शाम के समय अपनी चौकी पर बिस्कुट-टॉफी, मास्क व सैनिटाइजर बांटते नजर आ जाते हैं। बच्चों को भी पुलिस अंकल का बेसब्री से इंतजार रहता है। बच्चों का कहना है पुलिस अंकल से हम लोगों को रोज बिस्कुुट-टॉफी और अच्छी बातें सीखने को मिलती है।
 

पुलिस का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में खाकी वर्दी पहने कड़क मिजाज और रौबीले शख्स की तस्वीर उभरती है। हालांकि, वाराणसी पुलिस के कोतवाली थाने की अंबियां मंडी चौकी इंचार्ज अनिल कुमार मिश्रा इस मामले में बिल्कुल अलग हैं।

दरोगा अनिल कुमार मिश्रा अपनी चौकी में रोजाना शाम के समय पाठशाला लगाते हैं। इस पाठशाला में क्षेत्र के बच्चों को न सिर्फ वह पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 में देश के आजाद होने तक अंग्रेजों से लोहा लेने वाले अमर शहीद क्रांतिकारियों और महापुरुषों की कहानियां सुनाते हैं। इसके साथ ही बच्चों को समझाते हैं कि वे अपने आसपास होने वाली गलत गतिविधियों का विरोध कर आपराधिक गतिविधियों पर शिकंजा कसने में पुलिस की मदद करें। पुलिस उनकी मित्र है।

 

बच्चे भी बड़े चाव से अनिल अंकल से महात्मा गांधी, सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाषचंद्र बोष, बाल गंगाधर तिलक, बटुकेश्वर दत्त, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, मंगल पांडेय, रानी चिन्नमा आदि की कहानियां सुनते हैं।
 

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