सीकर20 मिनट पहले
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कलेक्ट्रेट का घेराव कर गहलोत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
- माकपा ने सबसे पहले 8 जून को निगम दफ्तरों के सामने प्रदर्शन कर 6 माह के बिजली बिल माफ करने की मांग रखी थी
माकपा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। माकपा द्वारा बिजली बिलों में की गई बढ़ोतरी और किसानों के मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन से पहले माकपा कार्यकर्ताओ ने शहर में रैली भी निकाली। माकपा कोरोना काल में किसानों और मजदूरों को राहत देने के लिए मांग कर रही है। गौरतलब है कि माकपा ने सबसे पहले 8 जून को निगम दफ्तरों के सामने प्रदर्शन कर 6 माह के बिजली बिल माफ करने की मांग रखी। इसके बाद 16 जून को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
अब 26 जून को फिर किसानों की टिड्डी से बर्बाद होती फसलों को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में रोजगार देने की मांग रखी। माकपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार ने रोजगार तो दिया, लेकिन टास्क पूरा करने के बावजूद भी 53 रुपए मजदूरी दी। इसके विरोध में पंचायत समितियों पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। इससे पहले 9 अगस्त को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी थीं, लेकिन सरकार ने लोगो की मांगों पर ध्यान नही दिया। जिसके कारण आज फिर माकपा कार्यकर्त्ता सड़को पर उतर आए। शहर में रैली निकालकर विरोध किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट का घेराव कर गहलोत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
जिले में बड़े आंदोलन के लिए चेताया
माकपा जिला सचिव किशन पारीक ने बताया कि सरकार ने मांगे नही मानी तो जिले में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। क्योंकि सरकार के फैसलों से आमजन त्रस्त है। महंगाई बढ़ गई है। इसलिए लोगो के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने में दिक्कत है। सरकार लगातार बिजली बिल, फर्जी वीसीआर, पेट्रोल डीजल में बढ़ोतरी के नाम पर जनता को लूट रही है। इसके लिए माकपा कार्यकर्त्ता गांव गांव पहुचकर लोगो से संपर्क कर रहे है। बड़े स्तर पर जिले में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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