मुंबई42 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
एक इंटरव्यू में सुशांत सिंह राजपूत से उनके बारे में दो सच और एक झूठ बताने को कहा गया था। तब उन्होंने खुद के क्लॉस्टेरोफोबिक होने की बात स्वीकार की थी। (फोटो साभार- जी कैफे)
- रिया चक्रवर्ती ने दावा किया था कि सुशांत ने उनसे कहा था कि उन्हें फ्लाइट में बैठने से डर लगता है
- सुशांत ने पुराने इंटरव्यू में यह भी माना था कि उन्हें इनसोम्निया था और दो घंटे से ज्यादा नहीं सो सकते थे
रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया था कि सुशांत सिंह राजपूत को क्लॉस्ट्रोफोबिया (किसी छोटी जगह में बंद हो जाने का डर) था और उन्हें फ्लाइट में बैठने से डर लगता था। अब अभिनेता का एक पुराना वीडियो इंटरव्यू मीडिया में वायरल हो रहा है, जो रिया के आधे दावे को सही साबित कर रहा है। वीडियो में सुशांत खुद यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे क्लॉस्ट्रोफोबिक थे।
यह वीडियो जी कैफे के चैट शो ‘लुक हू इज टॉकिंग विद निरंजन आयंगर’ के दूसरे सीजन का है। सुशांत शो में गेस्ट बनकर पहुंचे थे। 1 नवंबर 2015 को टेलीकास्ट हुए एपिसोड में सुशांत से उनके बारे में तीन स्टेटमेंट देने को कहा गया था, जिनमें से दो सच और एक झूठ था। जवाब में उन्होंने कहा था, ‘‘पहला कि मैं क्लॉस्ट्रोफोबिक हूं। दूसरी बात कि मैं दिन में 6 घंटे सोता हूं और तीसरी बात कि मैं टेरिबल सिंगर हूं।’’ इसके बाद उन्होंने कहा था, ‘‘झूठ यह है कि मैं दिन में 6 घंटे सोता हूं। मुझे इनसोम्निया (नींद न आने की बीमारी) है। इसलिए मैं एक दिन में दो घंटे से ज्यादा नहीं सो सकता।’’
क्या था रिया का दावा
एक न्यूज चैनल से बातचीत में रिया चक्रवर्ती ने दावा किया था, ‘‘जब हम यूरोप के लिए उड़ान भरने वाले थे, तब सुशांत ने बताया कि उसे फ्लाइट में बैठने को लेकर क्लॉस्ट्रोफोबिया है और उसके लिए वो एक दवाई लेता है, जिसका नाम है मोडाफिनिल। उसके पास वह दवाई हमेशा रहती थी। फ्लाइट में बैठने से पहले उसने वह दवा ली थी। उसे डॉक्टर से सलाह नहीं लेनी पड़ी, क्योंकि उसके पास पहले से ही वह दवाई थी। संभवतः हर फ्लाइट से पहले वो लेते होंगे।’’
रिया ने इस बातचीत में यह दावा भी किया था कि सुशांत ने उन्हें बताया था कि 2013 में वे डिप्रेशन में गए थे, तब साइकाइट्रिस्ट हरेश शेट्टी ने उन्हें मोडाफिनिल लेने की सलाह दी थी। हालांकि, खुद शेट्टी रिया के इस बयान के बाद नाराज हुए थे और उन्होंने बताया था कि मोडाफिनिल डिप्रेशन की दवा नहीं है।
रिया के दावों को झूठा साबित करते दो तथ्य
- ‘मोडाफिनिल दवा क्लॉस्ट्रोफोबिया के मरीजों को नहीं दी जाती’
जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल की साइकाइट्रिस्ट डॉ. गुंजन सोलंकी के मुताबिक, ‘‘मोडाफिनिल दवा क्लॉस्ट्रोफोबिया के मरीजों को नहीं दी जाती है। यह दवा स्लीप डिसऑर्डर के मरीजों को प्रिस्क्राइब की जाती है। जिन मरीजों को बहुत ज्यादा नींद आती है, उन्हें यह दवा उन्हें दी जाती है। कई बार लेट नाइट शिफ्ट में काम करने वाले डॉक्टरी सलाह से इस दवा को लेते हैं। अगर किसी को फ्लाइट में डर लगता है तो वह उड़ान के वक्त नींद लेना पसंद करेगा। मोडाफिनिल लेने से तो उल्टा नींद भाग जाएगी।’’ डॉक्टर के इस बयान से स्पष्ट है कि मोडाफिनिल क्लॉस्टेरोफोबिया और इनसोम्निया के मरीजों को नहीं दी जाती।
- सुशांत को ऊंचाई से डर नहीं लगता था
सुशांत को ऊंचाई या प्लेन में बैठने से डर लगने वाली बात भी समझ से परे है। सुशांत के ऐसे कई वीडियो हैं, जिसमें वे प्लेन उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। हवाई यात्रा के दौरान उनके हावभाव को देखकर बिल्कुल भी नहीं लगता है कि उन्हें क्लॉस्ट्रोफोबिया था। एक बार सुशांत बोइंग-737 उड़ाना भी सीख रहे थे। ट्रेनिंग पूरी करने के लिए वे प्लेन खरीदना चाहते थे। उन्होंने खुद अपनी ट्रेनिंग से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया था।
सुशांत के साथ लम्बे समय तक रिलेशनशिप में रहीं एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे ने भी रिया के दावे को खारिज किया। अंकिता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘‘क्या यह क्लॉस्ट्रोफोबिया है? तुम हमेशा उड़ना चाहते थे और ऐसा तुमने ऐसा किया था। हम सभी को तुम पर गर्व है।’’
सुशांत केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं…
0
