झालावाड़33 मिनट पहले
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बच्चे पशु चराते हुए भारी बारिश के कारण छात्रावास के अंदर घुस गए थे।
- हालत गंभीर होने के कारण एक को बांसवाड़ा रेफर कर दिया गया
- कुछ दिन पहले यहां एक लड़की की करंट लगने से मौत हो गई थी
जिले के कुशलगढ़ शहर में रविवार को एक खंडहर पड़े छात्रावास की छत गिरने से 4 बच्चे दब गए। इनमें से दो की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
बच्चे पशु चराते वक्त भारी बारिश के कारण छात्रावास के अंदर घुस गए थे। इसी दौरान अचानक कमरे की छत गिर गई। घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। हादसे में बबलू (12) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, विक्रम (10), कल्पेश (14) और राजू (10) गंभीर रूप से घायल हैं। जिन्हें कुशलगढ़ अस्पताल लाया गया। इनमें से एक 10 साल के राजू पुकी बांसवाड़ा रैफर करने के दाैरान रास्ते में ही माैत हाे गई।

यह छात्रावास पहले से जर्जर हालत में था।
कुछ दिन पहले भी इस छात्रावास भवन के पास एक लड़की की पशु चराते वक्त करंट लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि दो घटना होने के बाद भी इस छात्रावास की कोई सुध नहीं ले रहा है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है।

छात्रावास के पास पहले भी हादसे हो चुके हैं।
3 साल पहले ही जर्जर घाेषित कर दिया था भवन
यह भवन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का छात्रावास था। जिसे 3 साल पहले ही जर्जर हाेने के कारण प्रशासन की ओर से कंडम घाेषित कर दिया था। इस कारण यहां काेई भी विभागीय गतिविधि नहीं हाे रही थी। अन्यथा बड़ा हादसा हाेने के आसार थे। विभाग और प्रशासन की इसमें छाेटी चुक यह भी रही कि भवन ज्यादा जर्जर हाेने के कारण उसे डिसमेंटल कर दिया हाेता ताे यह हादसा हाेने से राेका जा सकता था। जिले में कई ऐसे सरकारी भवन और स्कूल खाली पड़े हैं। जाे पूरी तरह से कंडम हाे चुके हैं। बारिश हाे या गर्मी ज्यादातर लाेग इससे बचचे के लिए ऐसे भवन की ओर रुख करते हैं। कई बिल्डिंग ताे ऐसी भी हैं जाे कंडम घाेषित हाेने के बाद भी वहां विभाग और स्कूलें संचालित हाे रही हैं। सबसे बड़े उदाहरण के ताैर पर देखें ताे कलेक्ट्रेट की पूरी बिल्डिंग ही जर्जर है लेकिन यहां कलेक्टर,एसपी और न्यायिक अधिकारी वर्तमान में भी अपना कार्यालय संचालित कर रहे हैं।
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