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- The First Ardas Of Shri Hemkund Sahib Ji’s Holy Journey Of This Year Concluded, Enthusiasm And Happiness In The Companions
चंडीगढ़5 घंटे पहले
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श्री हेमकुंड साहिब में आज यात्रा की पहली अरदास में शामिल हुई संगत।
- कोरोना संक्रमण के कारण इस बार पहले दिन कम संख्या में पहुंची संगत
- संगतों को कोविड निगेटिव रिपोर्ट व ई-पास लाना सरकार की ओर से जरूरी किया गया है
(लखवंत सिंह). श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के पूर्व जन्म के तपस्थान श्री हेमकुंड साहिब में आज इस साल की पवित्र यात्रा की पहली अरदास संपन्न हो गई है। इस साल कोरोना संक्रमण के कारण 5 महीने देर से शुरू हुई यात्रा में कम संख्या में ही संगत दर्शन करने के लिए पहुंच पाई है। आज सुबह श्री हेमकुंड साहिब के पवित्र सरोवर में संगतों ने पहुंच कर स्नान किया और गुरूद्वारा साहिब में मथा टेका। यह पवित्र स्थान 15 हजार 200फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए 26 किलोमीटर का सफर पैदल करना होता है। उसके बाद ही इस पवित्र स्थान पर पहुंचा जा सकता है। कुछ लोग घोड़ों पर भी जाते है।

पंज प्यारों की अगुवाई में संगत पवित्र स्थान पर पहुंची
आज सुबह पंच प्यारों की अगुवाई में संगत गुरूद्वारा श्री गोबिंद धाम से श्री हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्थान किया। 6 किलोमीटर पहाड़ों की सीधी ऊंचाई वाले रास्तों से होकर संगत पवित्र स्थान पर पहुंची। गुरूद्वारा साहिब में आज श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को सुशोभित किया गया और उसके बाद शबद गायन किया गया।

गुरूद्वारा हेमकुंड साहिब में संगतों ने पहली अरदास में हिस्सा लिया। फाइल फोटो
कोरोना संक्रमण के कारण इस बार संगतों को आने से पहले ई-पास और कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना जरूरी किया गया है।
गुरूद्वारा गोविंद घाट के सेवादार सेवा सिंह ने बताया कि आज संगतों ने बड़ी श्रद्धा और खुशी के बीच श्री हेमकुंड साहिब पहुंच कर अरदास में हिस्सा लिया और सुख-शांति की कामना की गई। उन्होंने बताया कि आज करीब 125 संगत ने पहले दिन मथा टेका। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया। गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में संगतों के बैठने के लिए सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करके स्थान बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अब संगतों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ते जाएगी।
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