वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Updated Thu, 10 Sep 2020 12:55 AM IST
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन
– फोटो : फाइल फोटो
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रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी पर हमले को लेकर यूरोपीय देशों ने रूस को चेतावनी दी है। रूस के नेता नवलनी को जहर देने के मामले में व्लादिमीर पुतिन की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं।
इस मामले को लेकर यूरोप के कई देश पुतिन के खिलाफ सीधे तौर पर सामने आकर उनकी आलोचना कर रहे हैं। वहीं जर्मनी रूस पर कुछ प्रतिबंध लगाने की सोच रहा है। जर्मनी फिलहाल यूरोपीय यूनियन का प्रमुख है।
जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने इस मामले पर साफ कहा है कि मॉस्को की ओर से इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं आता है तो हम जर्मनी पर कुछ प्रतिबंध लगाने का विचार करेंगे। जिसमें जर्मन-रूसी गैस पाइपलाइन परियोजना पर पुनर्विचार कर सकता है।
नवालनी के मामले में जर्मनी डॉक्टर न कहा है कि इनको मारने में नोविचोक नर्व एजेंट जैसा रासायनिक पदार्थ उपयोग किया जा सकता है। फिर यूरोपीय यूनियन ने पिछले सप्ताह रासायनिक हथियार के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की थी। और इसको अंतरराष्ट्रीय नियम का गंभीर उल्लंघन बताया था।
एक राजनायिक ने बताया कि यूरोपीय यूनियन ने जिन प्रतिबंधात्मक उपायों की बात कर रहा है इसका मतलब कुछ व्यक्तियों पर प्रतिबंध से है। अगर इसे लागू किया गया तो इन लोगों पर ईयू यात्रा पर रोक लगा दी जाएगी साथ ही क्षेत्र में उनकी किसी भी संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने निष्पक्ष जांच की मांग
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग प्रमुख के कार्यालय ने भी रूस सरकार से नवलनी को कथित तौर पर जहर देने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने या ऐसी किसी जांच में सहयोग देने की अपील की है।
वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैशले ने कहा, ‘रूस की धरती पर बेहद गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस अपराध को अंजाम देने में जहरीले और बेहद घातक पदार्थ नोविचोक का इस्तेमाल किया गया। इसकी पर्याप्त जांच होनी चाहिए।’
नोविचोक नर्व एजेंट जहर से किया हमला
नवलनी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के धुर विरोधी माने जाते हैं। उन्होंने कई बार रूस के राष्ट्रपति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्हें नोविचोक नर्व एजेंट जहर दिया गया है। वे अभी बर्लिन के एक अस्पताल में हैं फिलहाल वह कोमा में हैं।
रूस पर लगातार कई शक्तिशाली देश नवलनी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। जिसमें विश्व का सबसे बड़ा सैन्य संगठन नाटो भी इस मामले की जांच की मांग कर है। अमेरिका के राष्ट्रपति भी इस प्रकरण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी पर हमले को लेकर यूरोपीय देशों ने रूस को चेतावनी दी है। रूस के नेता नवलनी को जहर देने के मामले में व्लादिमीर पुतिन की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं।
इस मामले को लेकर यूरोप के कई देश पुतिन के खिलाफ सीधे तौर पर सामने आकर उनकी आलोचना कर रहे हैं। वहीं जर्मनी रूस पर कुछ प्रतिबंध लगाने की सोच रहा है। जर्मनी फिलहाल यूरोपीय यूनियन का प्रमुख है।
जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने इस मामले पर साफ कहा है कि मॉस्को की ओर से इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं आता है तो हम जर्मनी पर कुछ प्रतिबंध लगाने का विचार करेंगे। जिसमें जर्मन-रूसी गैस पाइपलाइन परियोजना पर पुनर्विचार कर सकता है।
नवालनी के मामले में जर्मनी डॉक्टर न कहा है कि इनको मारने में नोविचोक नर्व एजेंट जैसा रासायनिक पदार्थ उपयोग किया जा सकता है। फिर यूरोपीय यूनियन ने पिछले सप्ताह रासायनिक हथियार के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की थी। और इसको अंतरराष्ट्रीय नियम का गंभीर उल्लंघन बताया था।
एक राजनायिक ने बताया कि यूरोपीय यूनियन ने जिन प्रतिबंधात्मक उपायों की बात कर रहा है इसका मतलब कुछ व्यक्तियों पर प्रतिबंध से है। अगर इसे लागू किया गया तो इन लोगों पर ईयू यात्रा पर रोक लगा दी जाएगी साथ ही क्षेत्र में उनकी किसी भी संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने निष्पक्ष जांच की मांग
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग प्रमुख के कार्यालय ने भी रूस सरकार से नवलनी को कथित तौर पर जहर देने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने या ऐसी किसी जांच में सहयोग देने की अपील की है।
वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैशले ने कहा, ‘रूस की धरती पर बेहद गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस अपराध को अंजाम देने में जहरीले और बेहद घातक पदार्थ नोविचोक का इस्तेमाल किया गया। इसकी पर्याप्त जांच होनी चाहिए।’
नोविचोक नर्व एजेंट जहर से किया हमला
नवलनी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के धुर विरोधी माने जाते हैं। उन्होंने कई बार रूस के राष्ट्रपति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्हें नोविचोक नर्व एजेंट जहर दिया गया है। वे अभी बर्लिन के एक अस्पताल में हैं फिलहाल वह कोमा में हैं।
रूस पर लगातार कई शक्तिशाली देश नवलनी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। जिसमें विश्व का सबसे बड़ा सैन्य संगठन नाटो भी इस मामले की जांच की मांग कर है। अमेरिका के राष्ट्रपति भी इस प्रकरण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
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Wed Sep 9 , 2020
২০২১ সালের ডিসেম্বরের মধ্যে এই বিমানবন্দরের কাজ শেষ হয়ে যাবে। Source link