Rajasthan RSMSSB Librarian Grade-III Exam 2020 Update: Fake Candidate Caught While Taking Examination In Bharatpur | फर्जी अभ्यर्थी बन कर दे रहे थे एग्जाम, उदयपुर में ढाई तो भरतपुर में डेढ़ लाख रुपए में हुआ था सौदा, दो उदयपुर और 2 भरतपुर से पकड़े

  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Rajasthan RSMSSB Librarian Grade III Exam 2020 Update: Fake Candidate Caught While Taking Examination In Bharatpur

भरतपुर, उदयपुर3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

भरतपुर। फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने के मामले में पकड़े गए दो आरोपी।

  • कर्मचारी चयन बोर्ड की पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती का मामला
  • फर्जी व्यक्तियों के द्वारा परीक्षा देकर नौकरी लगाने की गैंग का मामला

(आदर्श मधुकर). राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा में शनिवार को उदयपुर और भरतपुर में दो-दो व्यक्तियों को परीक्षा केंद्र पर फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा दिलाने के मामले में पकड़ लिया। भरतपुर में डेढ़ लाख तो उदयपुर में ढाई लाख रुपए में सौदा हुआ था।

भरतपुर में परीक्षा केंद्र पर फ्लाइंग दौरा करके जा चुकी थी
नमक कटरा स्थित सुजीत बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर करौली जिले के एक अभ्यर्थी की जगह पर बाड़मेर जिले का एक फर्जी व्यक्ति परीक्षा दे रहा था। असल में नमक कटरा स्थित सुरजीत गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र पर 240 परीक्षार्थियों का केंद्र था, जहां 131 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हो चुकी थी और प्रशासन की फ्लाइंग भी परीक्षा केंद्र का दौरा करके जा चुकी थी।

फिर एसओजी की सूचना पर पहुंची पुलिस
दोपहर करीब 1:20 बजे सीओ सिटी सतीश वर्मा व शहर कोतवाल कैलाश मीणा और स्टेट एसओजी के इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र बंसीवाल भारी पुलिस जाब्ते के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। परीक्षा केंद्र की घेराबंदी कर ली गई और एसओजी को मिली सूचना के आधार पर फर्जी व्यक्ति की तलाशी सभी परीक्षार्थियों के मास्क डाउन करके की गई।

कोतवाली थाना पुलिस ने की कार्रवाई।

कोतवाली थाना पुलिस ने की कार्रवाई।

शक होने तथा जांच में पुख्ता होने पर ली तलाशी
परीक्षा केंद्र अधीक्षक हरेंद्र सिंह और सहायक परीक्षा केंद्र अधीक्षक अनीता जैन ने परीक्षार्थी की पूरी जानकारी बताई। अवीक्षक सुरेश चंद शर्मा व निक्की अग्रवाल की मौजूदगी में फर्जी परीक्षार्थी गांव मेघवालों की ढाणी सिन्धस्वा चौहान तहसील गुड़ामालानी जिला बाड़मेर निवासी अशोक कुमार पुत्र सोनाराम बिश्नोई की तलाशी ली गई।

वह गांव बंद की लखरुकी तहसील करौली जिला करौली निवासी अभ्यर्थी धन सिंह मीणा पुत्र रामजीलाल मीणा के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। फर्जी अभ्यर्थी अशोक कुमार के पास अपना निर्वाचन आयोग का परिचय पत्र और मूल अभ्यर्थी धन सिंह के ड्राइविंग लाइसेंस की मूल आईडी मौजूद थी।

इसलिए नहीं हो रही थी पहचान, फिर पकड़ कर थाने ले गई पुलिस
फर्जी अभ्यर्थी ने अपना फोटो परीक्षा के रिकॉर्ड पर लगाया था और प्रवेश पत्र पर स्पष्ट पहचान नहीं हो रही थी। फर्जी अभ्यर्थी को पुलिस ने परीक्षा समाप्ति के बाद गिरफ्तार कर लिया और कोतवाली थाना ले जाकर पूछताछ की।

उसका साथी श्रवण कुमार पुत्र अमीरा राम विश्नोई निवासी गुडामालानी जिला बाड़मेर को भी पुलिस ने पकड़ लिया। वह परीक्षा केंद्र के बाहर बैठा मिला दोनों के खिलाफ कोतवाली थाना एसएचओ कैलाश चंद मीणा ने मुकदमा दर्ज कराया है।

उदयपुर में एसओजी की कार्रवाई के बाद सूचना मिली थी
सीओ सिटी सतीश वर्मा ने बताया कि एसओजी को उदयपुर में हुई कार्रवाई के बाद मिली सूचना पर भरतपुर में कार्रवाई की है। फर्जी व्यक्तियों के द्वारा परीक्षा देकर नौकरी लगाने की गैंग का मामला लगता है, जिसकी जांच की जा रही है।

उदयपुर : लाइब्रेरियन परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी और सहयोगी गिरफ्तार, 2.50 लाख रुपए में परीक्षा देना तय हुआ था
एसओजी और सवीना पुलिस ने शनिवार को लाइब्रेरियन ग्रेड तृतीय प्रतियोगी परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया। सवीना थानाधिकारी संजीव स्वामी ने बताया कि फर्जी परीक्षार्थी बाड़मेर धोरीमन्ना निवासी कमलेश पुत्र गंगाराम बिश्नोई और धोरीमन्ना का ही सहयोगी कमलेश पुत्र गंगाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि नकल गिरोह का सरगना पाली नेहड़ा निवासी दिनेश पुत्र नाथूलाल सिहाग है। परीक्षा देने के लिए कमलेश को 2.50 लाख रुपए देना तय हुआ था। मामले की सूचना एसओजी के एएसपी हिम्मत सिंह ने दी, इसके बाद कार्रवाई हुई।

सेक्टर-11 स्थित जवाहर जैन शिक्षण संस्थान परीक्षा सेंटर पर एसओेजी के साथ पहुंचे। वहां परीक्षा सेंटर के कमरा नंबर-24 में वीक्षक की उपस्थिति में जांच की। इसमें परीक्षार्थी बांसवाड़ा, पाड़ा अमरिया निवासी बहादुर सिंह पुत्र हालिया के स्थान पर कमलेश पुत्र गंगाराम बिश्नोई परीक्षा देते पाया गया।

आवेदन और परीक्षा केंद्र पर चस्पा फोटो भी अलग था। कमलेश ने पूछताछ में बताया कि कमलेश पुत्र बाबूलाल बिश्नोई साथी है। पुलिस ने उसे भी डिटेन किया है। अभियुक्तों ने ने पुलिस पूछताछ में बताया कि दिनेश सिहाग नकल गिरोह का सरगना है।

उसी ने बहादुर की जगह कमलेश को परीक्षा देने भेजा था। इसके अलावा दिनेश ने अशोक खिलेरी नामक युवक को भरतपुर में अन्य युवक की जगह परीक्षा देने भेजा था, इसकी सहायता के लिए श्रवण कुमार को साथ भेजा। इसी तरह अशोक चौधरी को भी अन्य परीक्षार्थी की जगह भेजा। गुरुवार को जयपुर में इनकी मुलाकात हुई और परीक्षा देने के लिए 2.50 लाख रुपए देना तय हुआ था।

0

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

নীল ছবি চালিয়ে পায়েলকে শয্যাসঙ্গিনী হওয়ার প্রস্তাব, অনুরাগের বিরুদ্ধে বিস্ফোরক বাঙালি-কন্যা

Sat Sep 19 , 2020
জোর শোরগোল শুরু হয়ে গিয়েছে বি টাউন জুড়ে Source link

Breaking News

Recent Posts