- डूंगरपुर में -97 और बांसवाड़ा में -40 फीसदी बारिश कम हुई, संभाग के अन्य जिलों में जोरदार बारिश से राहत
दैनिक भास्कर
Jun 26, 2020, 08:26 AM IST
डूंगरपुर. राजस्थान में मेवाड़-हाड़ौती के रास्ते 24 जून को मानसून का प्रवेश हो गया है लेकिन प्रवेश के साथ ही यह कमजोर पड़ने से शुरुआत जोरदार तरीके से नहीं हो सका है। लेकिन चिंता की बात इसलिए नहीं है कि क्योंकि मानसून ने तय समय से 8 दिन पहले प्रवेश किया है और तीन-चार दिन में ही जोर पकड़कर अच्छी बारिश देगा।
अगर यही मानसून डूंगरपुर-बांसवाड़ा के रास्ते प्रवेश करता तो यहां के लोगों को गर्मी से जल्द राहत मिल जाती। मानसून ने प्रवेश के साथ ही उदयपुर, राजसमंद, चित्तौडग़ढ़ और प्रतापगढ़ में अच्छा पानी बरसाया है लेकिन बांसवाड़ा और डूंगरपुर में हल्की बारिश ही हुई है। जबकि पिछले वर्ष मानसून का प्रवेश बांसवाड़ा-डूंगरपुर के रास्ते से राजस्थान में प्रवेश होने से यहां अच्छी बारिश हुई थी। गुरुवार बादल छाए रहे लेकिन बरसे नहीं। उमस परेशान करती रही।
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी से बढ़ा निम्न दबाव क्षेत्र से मानसून 8 दिन पहले आया है, तीन-चार दिन में पकड़ेगा जोर
राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रील्चिर उदयपुर के मौसम विज्ञानी डॉ. एनएस सोलंकी ने बताया कि इस बार मानसून ने राजस्थान में 8 दिन पहले प्रवेश कर किया है लेकिन अभी पूरी तरह से सक्रिय नहीं हुआ है। 24 जून को पश्चिमी राजस्थान में उच्च तापमान के कारण एक निम्न वायुदाब का क्षेत्र बना था, इस कारण मानसून ने इस बार मेवाड़-हाड़ौती के रास्ते से प्रवेश किया है।
अभी मानसून मेवाड़-हाड़ौती में पहुंचकर पश्चिम, मध्य और पूर्वी राजस्थान में पहुंचकर सामान्य रूप से सक्रिय हुआ है। मानसून का यह दौर आगामी तीन-चार दिन में पूरी तरह से सक्रिय होकर जोरदार बारिश देगा। इसका सबसे ज्यादा असर मेवाड़ पर रहेगा तथा वागड़ में भी खासा असर देखा जाएगा। लोगों को झमाझम बारिश का इंतजार है।