कोलकाता। लोकसभा में कांग्रेस के नेता और बहरामपुर से वरिष्ठ सांसद अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को चुनौती दी है कि चीन से मदद को लेकर कांग्रेस पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसे साबित किया जाए। उन्होंने कहा है कि भाजपा के नेता लगातार कह रहे हैं कि कांग्रेस ने अतीत में राष्ट्र की सुरक्षा से समझौता किया है। इन आरोपों को साबित करें। अगर ऐसा हुआ है तो वह सांसद के पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की चीन से संबंधित रणनीति की भी आलोचना की है।
चौधरी ने कहा कि सरकार अपनी ‘रणनीतिक भूल’ को छिपाने के लिए मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधने के बजाए चीन पर पलटवार करने की तैयारी करे और गलवान घाटी में गंवा चुके क्षेत्र पर फिर से कब्जा करे। एक वीडियो बयान में शुक्रवार को उन्होंने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार की ‘दुविधा’ का फायदा चीन उठा रहा है। चौधरी ने कहा कि भाजपा अपनी गलतियों को लेकर रणनीतिक नाकामी को छिपाने के लिए कांग्रेस पर निशाना साध रही है। भाजपा नेतृत्व को इतिहास के प्रति सम्मान का भाव नहीं है, वरना वे कभी ऐसा नहीं कहते कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व में यह कांग्रेस पार्टी ही थी जिसने ऑपरेशन मेघदूत चलाकर 1984 में सियाचिन को हासिल किया था। कांग्रेस ही थी जिसने पाकिस्तान को विभाजित कर डाला और 1971 में बांग्लादेश अस्तित्व में आया। चौधरी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा नेतृत्व साबित करे कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें साबित करने की चुनौती देता हूं। अगर आरोप साबित हो गए तो मैं सांसद पद से इस्तीफा दे दूंगा। चौधरी ने आरोप लगाया कि चीन से मुकाबला करने और गंवा चुके क्षेत्र को वापस लेने के लिए मोदी सरकार के पास राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि करो या मरो राष्ट्रीय मंत्र होना चाहिए और जवाबी पलटवार से ही चीन को सबक सिखाया जा सकता है।
इसके बाद अधीर रंजन चौधरी ने दो ट्वीट किया। इसमें लिखा, ‘‘करो या मरो हमारा राष्ट्रीय मंत्र है। बदले हालात में पलटवार करने की जरूरत है। हमें साबित करना है कि चीन अंतरराष्ट्रीय समस्या है, वह कभी अजेय नहीं होगा। भारत-चीन सीमा पर बहुत कठिन हालात हैं। चीन ने भारत के असमंजस का फायदा उठाया है। चीन पर पलटवार करना होगा। एक दिन पहले भी चौधरी ने एक बयान में कहा था कि हमारे शस्त्रागार अंडे देने के लिए नहीं है। चीन पर जवाबी हमला किया जाना चाहिए।
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