- बारिश ने बढ़ाई परेशानी, प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बांध पर निगरानी बढ़ाई
दैनिक भास्कर
Jul 11, 2020, 09:43 PM IST
बेतिया. वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत आने वाले चकदहवा झंडूटोला बीन टोली, कान्ही टोला सहित एस एस बी 21 वी वाहिनी बी कंपनी के कैंप में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे उस क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। गंडक नदी के किनारे गांव में रहने वाले लोग नाव के सहारे अन्यत्र पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं। बता दे कि गुरुवार की मध्यरात्रि से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी के जल स्तर में वृद्धि हो जाने से उस क्षेत्र में गंडक नदी का पानी घुस गया है जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। इतना ही नहीं उस क्षेत्र में एसएसबी 21 वी वाहिनी बी कंपनी के कैंप में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके चलते उस कैंप में रह रहे जवानों एवं अधिकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बाबत जानकारी देते हुए एसएसबी 21 वी वाहिनी बी कंपनी के सहायक कमांडेंट शंभू चरण मंडल ने बताया कि लगातार भारी बारिश होने के कारण गंडक नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी हुआ है जिसके चलते गंडक नदी के किनारेबसे गांव में पानी घुस गया है। बाढ़ से बचाव के लिए पूरी एहतियात बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी स्थिति भयावह है अगर बारिश होती है तो गंडक नदी सहित बारिश का पानी गांव में एकत्रित हो सकता है जिसके कारण जनजीवन अस्त व्यस्त भी हो सकता है। बता दें कि फिलहाल है 12 बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंडक नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।
प्रशासन की ओर से लाेगाें काे नहीं मिल रही कोई सुविधा, ग्रामीणाें में बढ़ रही नाराजगी
- तीन सालों से बांध का निर्माण कार्य अधूरा ही पड़ा हुआ है
छितौनी-तमकुही रेल परियोजना के लिए निर्माण हो रहे बंधे से दोनो पंचायत के साथ सीमावर्ती यूपी के छितौनी, पनियहवा, बेलवनिया, दरगौली आदि गांव को बाढ़ से राहत मिल जाती लेकिन राजनीति व प्रशासनिक विफलता के कारण यह बंधा तीन वर्ष से अपूर्ण पड़ा हुआ है। इस कारण समस्या जस का तस बना हुआ है। वही सबसे बडी समस्या यह है कि बांध श्रीपतनगर गांव के दोनों तरफ बन गया है लेकिन गांव के सामने नही बना है इस कारण गांव के बीच मे ही धारा बना हुआ है। इसी का कारण है कि दो दर्जन घर मे पानी घुस गया है। गांव के लोगों का विस्थापन नही होने से बंधे का निर्माण भी नही हो पा रहा है।
- तराई क्षेत्र में बढ़ा जल स्तर, ग्रामीणों में दहशत
वाल्मीकिनगर गंडक बराज से इस बरसात मे पानी के डिस्चार्ज होने के कारण तराई क्षेत्र में जलस्तर बढ़ गया है। इससे निचले क्षेत्र में बने दर्जनों घर मे पानी घुस गया है। वही सेमरा लबेदहा, मंझरिया व सीमावर्ती यूपी के दर्जनों गांव को बाढ़ से बचाने और रेल परियोजना के संचालन के लिए निर्माणाधीन छितौनी- तमकुही रेल परियोजना के बांध के पूर्ण नही होने से खतरा और बढ़ गया है। इसको ले आम लोगों में भय के साथ प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि गंडक पार के चारों प्रखंड व सीमावर्ती यूपी के कुशीनगर जिले को बाढ़ से बचाने के लिए पिपरा- पिपरासी(पीपी) तटबंध व यूपी सीमा में अमवा तटबंध(एपी) का निर्माण हुआ है लेकिन सेमरा लबेदहा व मंझरिया पंचायत के साथ इन पंचायतों से सटे यूपी के दर्जनों गांव के लिए कोई तटबंध नही है। इसी कारण इन गांवों में हर वर्ष गंडक नदी के जलस्तर में परिवर्तन होने पर गांव में पानी घुस जाता है।
