अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Updated Sun, 12 Jul 2020 12:41 AM IST
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इस संबंध में उच्च स्तर पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। हालांकि अधिकारियों ने अभी इस पर चुप्पी साध रखी है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने बिकरू कांड की जांच के लिए जो एसआईटी गठित की है, उसके एक सदस्य पर सोशल मीडिया में सवाल उठाए गए हैं।
इसके अलावा एसआईटी की जांच बिकरू कांड के सरगना विकास दुबे व अन्य आरोपियों तथा पुलिस की भूमिका के इर्द-गिर्द केंद्रित की गई है।
इसमें पुलिस एनकाउंटर को शामिल नहीं किया गया है। दूसरी ओर, एनकाउंटर सहित पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच की मांग के लिए सर्वोच्च अदालत में एक आवेदन दिया गया है। इन परिस्थितियों में बिकरू कांड सहित संपूर्ण प्रकरण की जांच के लिए एक आयोग के गठन पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है।
सरकार जल्दी ही इस संबंध में फैसला कर सकती है। हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि आयोग का दायरा क्या होगा? आयोग एसआईटी का स्थान ले सकता है।

