जयपुर6 मिनट पहले
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जयपुर एयरपोर्ट पर दो चार्टर प्लेन से आए 14 लोगों से करीब 31 किलो सोना बरामद किया गया था।
- जिन 14 लोगों को तस्करी के जुर्म में पकड़ा गया, वे शेखावाटी क्षेत्र के रहने वाले
- दुबई से भारत आने के लिए एयर टिकट और कुछ पैसों के लालच में सभी ने तस्करी को अंजाम दिया
(शिवांग चतुर्वेदी). राजस्थान में गत 4 जुलाई को जयपुर एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की सोने तस्करी की सबसे बड़ी कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है। कस्टम विभाग की पकड़ से फिलहाल तीन-चार तस्कर बाहर हैं। ये सभी तस्कर एयरपोर्ट पर विभाग के अधिकारियों को चकमा देकर बच निकले। इनमें से एक आरोपी को शनिवार सुबह एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया।
कस्टम कमिश्नर सुभाष अग्रवाल ने बताया कि पहले पकड़े गए 14 आरोपियों से पूछताछ में कुछ सूचनाएं मिली। जब उनकी जांच की गई तो पता लगा कि कुछ आरोपी अभी भी पकड़ से बाहर हैं। सभी से सख्ती से पूछताछ की गई। एक आरोपी ने दो-तीन लोगों के बारे में जानकारी दी कि वे उस दिन भीड़ होने के कारण एयरपोर्ट से बच निकले थे। इसके बाद होटल में क्वारैंटाइन हो गए। कस्टम विभाग की टीम ने एयरपोर्ट के पास स्थित एक होटल से शनिवार सुबह एक अन्य आरोपी हेतराम को गिरफ्तार लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। फिलहाल कोरोना रिपोर्ट आने तक उसे आइसोलेट कर दिया गया है। रिपोर्ट में निगेटिव आने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। हालांकि अभी भी दो से तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी जांच में विभाग जुटा है।
ये है पूरा मामला
4 जुलाई को स्पाइसजेट की रस अल खैमहा से आई चार्टड फ्लाइट एसजी-9050 और रियाद से आई फ्लाइट एसजी-9647 जयपुर पहुंची। तीन यात्रियों के पास इमरजेंसी लाइट के अंदर 12 बिस्किट जिनका कुल वजन 9.30 किलो था। जिसकी बाजार कीमत करीब 4.60 करोड़ रुपए है। उनमें से एक तस्कर ने रियाद से आ रही फ्लाइट में भी सोना लाए जाने को बात कही। जिसके बाद कस्टम अधिकारी अलर्ट हो गए। फ्लाइट पहुंचने के बाद सभी 11 संदिग्धों से पूछताछ की और जांच की तो उनके पास 22.65 किलो सोना बरामद किया गया था। जिसकी बाजार कीमत 11.09 करोड़ है।
मुख्य आरोपी अभी भी पकड़ से बाहर
जिन 14 लोगों को तस्करी के जुर्म में पकड़ा गया, वे शेखावाटी क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी रोजगार के चलते खाड़ी देशों में काम करते थे। दुबई से भारत आने के लिए एयर टिकट और कुछ पैसों के लालच में आकर सभी ने सोने की तस्करी को अंजाम दिया। यानि प्रथम दृष्टया में सभी अन प्रोफेशनल कैरियर (ढोने वाला) हैं। ऐसे में इस तरह के किसी भी तस्कर को इस बात का पता नहीं होता कि माल कौन भेज रहा है। और किसके लिए भेज रहा है ? इस स्थिति में कस्टम विभाग के समक्ष मुख्य आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है।
दुबई से ही कराई गई थी सभी 14 तस्करों की चार्टर्ड बुकिंग
जांच में यह सत्यापित हो गया है कि सोने की तस्करी कर ला रहे सभी 14 आरोपियों की फ्लाइट बुकिंग दुबई में बैठे मुख्य तस्कर ने ही कराई थी। कस्टम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने टिकट बुक कराई है, उनका भी पता लग गया है। जिसकी जांच की जांच की जा रही है।
बीते वर्ष 31 मामलों में दस लोगों को किया था गिरफ्तार
कस्टम कमिश्नर सुभाष अग्रवाल ने बताया कि बीते वित वर्ष 2019-20 में जयपुर एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी के 31 मामले आए थे। 5 करोड़ कीमत का 13.86 किलो सोना पकड़ा गया था। इन मामलों में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी जमानत पर छूट गए हैं।
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