वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जयशंकर ने कहा, हम समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी, कनेक्टिविटी, कोरोना वायरस, जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इसका बड़ा हिस्सा यह है कि हम कैसे द्विपक्षीय एजेंडे को मजबूत करते हुए बड़े एजेंडे को आकार देते हैं।
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि मुझे लगता है, अमेरिका को वास्तव में अधिक बहुपक्षीय व्यवस्था के साथ अधिक बहुध्रुवीय दुनिया के साथ काम करना सीखना होगा। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को उन गठबंधनों से परे जाना चाहिए जिनके साथ यह पिछली दो पीढ़ियों में आगे बढ़ा है।
We (India-US) have the ability today, by working together, to shape the world. We are working on maritime security, counter-terrorism, connectivity, #COVID19, climate change… I think large part of it is how we, while strengthening bilateral agenda, shape the larger agenda: EAM https://t.co/Ou8yXTa2o9
— ANI (@ANI) July 22, 2020
वहीं, यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल की अध्यक्ष निशा बिस्वाल ने कहा कि कोरोना वायरस ने हमारी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को नुकसान पहुंचाया है लेकिन संकट से स्पष्टता आती है। अमेरिका-भारत साझेदारी के लिए यह एक अवसर का समय है, अपनी संपूर्ण क्षमता में वृद्धि करने का क्षण है।
#COVID19 stressed our intn’l institutions & tested traditional alliances,but from crisis comes clarity. For US-India partnership, it’s a time of singular opportunity, a moment for it to rise to its full potential: Nisha Biswal,Pres, US-India Business Council at India Ideas Summit pic.twitter.com/aXmgEzL7xU
— ANI (@ANI) July 22, 2020
सम्मेलन में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने कहा कि हमने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है, जहां हम अंतरराष्ट्रीय समृद्धि नेटवर्क को आगे बढ़ाएंगे।
