Sushant Singh Rajput’s Last Film ‘Dil Bechara’ Breaks All Record On IMDB | सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ने बनाया रिकॉर्ड, IMDB पर सबसे बड़ी रेटिंग के रूप में मिले 10 में से 9.8 स्टार

24 मिनट पहले

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  • ‘दिल बेचारा’ सुशांत सिंह राजपूत के निधन के 40 दिन बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज हुई
  • फिल्म को आधे घंटे के अंदर IMDB पर 21 हजार वोट मिले थे और इसकी रेटिंग 10 में से 10 स्टार थी

सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ को रिव्यू एग्रीगेटर वेबसाइट आईएमडीबी पर अब तक की सबसे बड़ी रेटिंग मिली है। फिल्म को 10 में से एवरेज 9.8 स्टार मिले हैं। कुल (शनिवार दोपहर 3:05 बजे तक) 31, 284 आईएमडीबी यूजर्स में से 92.7% फीसदी यानी 28,991 ने फिल्म को 10 में से 10 स्टार दिए। जबकि 2.3 फीसदी यानी 727 यूजर्स ने 10 में से 9 और सबसे कम एक स्टार 1.3 फीसदी (411) यूजर्स ने दिया। रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म की रिलीज के आधा घंटे बाद वेबसाइट पर 21 हजार यूजर्स ने रिव्यू दिया था और उनकी रेटिंग 100 फीसदी यानी 10 में 10 स्टार थी।

क्रेश हो गया था हॉटस्टार

खबरों के मुताबिक, शुक्रवार को जब यह फिल्म रिलीज हुई तो सुशांत के फैन्स इसे देखने के लिए टूट पड़े। यूजर्स की संख्या इतनी ज्यादा थी कि एकबारगी डिज्नी प्लस हॉटस्टार क्रैश हो गया। फिल्ममेकर हंसल मेहता ने रात 9:36 बजे एक ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “और हॉटस्टार क्रैश हो गया।” मेहता के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए कई अन्य यूजर्स ने भी इसी तरह की समस्या आने की बात कही।

मुकेश छाबड़ा की पहली फिल्म और हॉलीवुड रीमेक

‘दिल बेचारा’ कास्टिंग डायरेक्टर से फिल्म निर्देशक बने मुकेश छाबड़ा की पहली फिल्म है, जो हॉलीवुड फिल्‍म ‘दि फॉल्ट इन ऑवर स्टार्स’ की हिंदी रीमेक है। सुशांत के अलावा इसमें संजना सांघी की अहम भूमिका है। फिल्म में सैफ अली खान का कैमियो है। फिल्म सुशांत के निधन (14 जून) के 40 दिन बाद रिलीज हुई।

कुछ ऐसी है ‘दिल बेचारा’ की कहानी

कहानी की बात करें तो इसमें सुशांत ने ऑस्टियो सार्कोमा से पीड़ित इमैनुएल जूनियर राजकुमार उर्फ मैनी की भूमिका निभाई है, जिसके चलते उन्हें एक पांव खोना पड़ता है। संजना सांघी किज्‍जी बासु थॉयरॉयड कैंसर पीड़ित है।

मैनी खुशमिजाज रहने की कोशिश करता है। किज्‍जी को जीने की वजह देता है। पर उसे पता है कि आखिरकार क्‍या होने को है। वह किसी हाल में उम्‍मीद का दामन नहीं छोड़ता। यह किज्‍जी में बदलाव लाता है। यहां एक प्रेरक, भावनात्मक कहानी जिसमें बलिदान, कड़ी सच्चाई और सच्चे प्यार के बारे में सकारात्मक संदेश हैं। यह भी जाहिर होता है कि बुरी चीजें सामान्य से अधिक प्रेरक हो सकती हैं।

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