कोलकाता। एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अमानवीयता का मामला प्रकाश में आया है। बेहला थाना क्षेत्र के शाहापुर रोड में कोरोना की वजह से मारे गए एक वृद्ध का शव घंटों तक घर में पड़ा रहा। मृतक की उम्र 62 साल है।
परिवार वालों का आरोप है कि स्थानीय थाने से लेकर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग, किसी ने कोई मदद नहीं की।
बताया गया है कि रविवार रात 12 बजे उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद स्थानीय थाने को सूचना दी गई। नगर निगम को भी जानकारी दे दी गई लेकिन कही से भी मदद नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग को भी इस बारे में फोन कर जानकारी दी गई लेकिन ना तो अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्था की गई और ना ही घर पर कोई पहुंचा। मृतक की पत्नी, बेटी समेत तीन लोग भी कोरोना पॉजिटिव है।
यह भी पता चला है कि इस इस व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी जिसके बाद उन्हें घर में ही रहने को कह दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया था कि अगर उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो तो अस्पताल में लाकर भर्ती किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के इस निर्देश के बाद कोलकाता में दहशत फैलने लगा है। ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है और बेड की किल्लत हो गई है।
119 नंबर वार्ड के पार्षद से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि परिजनों का आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद कोई मदद नहीं मिलने की वजह से क्वॉरेंटाइन में रह रहे परिवार के तीन सदस्यों ने स्वास्थ्य नियमों को पीछे छोड़ कर अंतिम संस्कार की व्यवस्थाएं करनी शुरू कर दी।
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