न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 04 Aug 2020 12:15 AM IST
श्रीनगर में लगाया गया दो दिन का कर्फ्यू
– फोटो : amar ujala
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जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने की पहली वर्ष गांठ पर अलगाववादी और पाकिस्तान परस्त गुट काला दिवस मनाने और हिंसक प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इस प्रकार की सूचना मिलने के बाद श्रीनगर में चार और पांच अगस्त को कर्फ्यू लगा दिया गया है। इससे पहले सोमवार को कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरी कश्मीर घाटी में पांच अगस्त तक के लिए फिर से पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट शाहिद चौधरी के अनुसार, पुलिस के पास इस बात की जानकारी है कि अलगाववादी और पाकिस्तान परस्त गुट इन प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा भी फैला सकते हैं। इसलिए श्रीनगर में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है।
पूरी घाटी में प्रतिबंध के दौरान आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के आवागमन पर पाबंदी है। अधिकारियों ने ज्यादातर सड़क और बाजार सील कर दिए हैं और जनता के सहयोग की अपील की गई है।
रक्षाबंधन पर बाजार में सन्नाटा
इस बीच सोमवार को रक्षाबंधन के मौके पर बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। दुकानें बंद रहीं और लोगों की आवाजाही रोकने के लिए जगह-जगह नाके लगाए हैं। कोरोना संकट के चलते इस बार श्रीनगर में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम भी नहीं हुए। पाबंदी के चलते शंकाराचार्य मंदिर में भी पूर्जा अर्चना के लिए बहुत कम लोग पहुंचे। ऐसे ही हालात घाटी के अन्य जिलों में रहे।
सरकारी कर्मियों को परिचय पत्र दिखाने पर मिलेगी राहत
अधिकारियों ने कहा प्रतिबंध के दौरान सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मियों को पहचान पत्र दिखाने पर प्रतिबंधों से छूट दी गई। घाटी में विभिन्न स्थानों पर भारी मात्रा में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने की पहली वर्ष गांठ पर अलगाववादी और पाकिस्तान परस्त गुट काला दिवस मनाने और हिंसक प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इस प्रकार की सूचना मिलने के बाद श्रीनगर में चार और पांच अगस्त को कर्फ्यू लगा दिया गया है। इससे पहले सोमवार को कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरी कश्मीर घाटी में पांच अगस्त तक के लिए फिर से पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट शाहिद चौधरी के अनुसार, पुलिस के पास इस बात की जानकारी है कि अलगाववादी और पाकिस्तान परस्त गुट इन प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा भी फैला सकते हैं। इसलिए श्रीनगर में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है।
पूरी घाटी में प्रतिबंध के दौरान आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के आवागमन पर पाबंदी है। अधिकारियों ने ज्यादातर सड़क और बाजार सील कर दिए हैं और जनता के सहयोग की अपील की गई है।
रक्षाबंधन पर बाजार में सन्नाटा
इस बीच सोमवार को रक्षाबंधन के मौके पर बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। दुकानें बंद रहीं और लोगों की आवाजाही रोकने के लिए जगह-जगह नाके लगाए हैं। कोरोना संकट के चलते इस बार श्रीनगर में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम भी नहीं हुए। पाबंदी के चलते शंकाराचार्य मंदिर में भी पूर्जा अर्चना के लिए बहुत कम लोग पहुंचे। ऐसे ही हालात घाटी के अन्य जिलों में रहे।
सरकारी कर्मियों को परिचय पत्र दिखाने पर मिलेगी राहत
अधिकारियों ने कहा प्रतिबंध के दौरान सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मियों को पहचान पत्र दिखाने पर प्रतिबंधों से छूट दी गई। घाटी में विभिन्न स्थानों पर भारी मात्रा में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
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Mon Aug 3 , 2020
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