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- After The Rains From Madhya Pradesh To Bihar, Even If Water Does Not Fall In Gujarat For 3 Years, There Will Be No Water Crisis
नई दिल्ली37 मिनट पहले
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मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार और गुजरात सहित कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने अब कहर ढाना शुरू कर दिया है। बांधों में पानी की मात्रा ज्यादा होने पर गेट खोलकर उसे छोड़ा जा रहा है। इससे कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन रही है। पानी से सबसे ज्यादा प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों को पड़ा है। यहां कई जगहों पर एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने वाले पुल बारिश के बाद आई बाढ़ में डूब गए हैं।
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर क्षेत्र में नर्मदा बेसिन के ऊपरी क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिससे ओंकारेश्वर बांध में तेजी से पानी बढ़ रहा है। शुक्रवार को इस मानसून सीजन में पहली बार बांध के 23 में से 21 गेट खोलने पड़े। गेट खोलने के साथ ही टरबाईन से 10 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बांध मैनजमेंट ने आसपास से सभी घाटों को भी एहतियात के तौर पर खाली करवा लिया है। श्रद्धालुओं को भी नर्मदा किनारे नहीं जाने दिया जा रहा है।
नाले पर बनी पुलिया से चार फीट ऊपर था पानी, फिर भी नहीं माना ड्राइवर

छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में शुक्रवार को काफी बारिश हुई, जिससे यहां जर्वे नाले पर बनी पुलिया के 4 फीट ऊपर तक पानी बहने लगा। इस रास्ते को बंद कर दिया गया था, जिससे लंबी लाइन लग गई थी। लोगों के कई बार मना करे के बाद भी एक स्कॉर्पियो के ड्राइवर ने पुलिया से गाड़ी निकालने की कोशिश की। पानी के बहाव के कारण गाड़ी नाले में बहने लगी और आगे जाकर रैलिंग में फंस गई।
लगातार बारिश के बाद नदी की जद में आ गया मंदिर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। जिले के पोरथ गांव में बने शिव मंदिर के पास से एक नदी गुजरती है। नदी में पानी ज्यादा होने के कारण शिव मंदिर आधे से ज्यादा पानी में डूब गया है। इसके बाद भी यहां श्रदधालुओं का आना जारी है। यहां आसपास के गांवों से भी लोग मंदिर के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। ऐसे में यहां कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
ब्रिटिशकाल में बना पुल टूटा, नया नहीं बनने से परेशानी

बिहार के छपरा जिले के तरैया में लगातार 34 दिनों से बाढ़ का कहर जारी है। सड़कों पर पानी थोड़ा कम होने के बाद लोगों ने उनसे आना-जाना भी शुरू कर दिया है। लेकिन ग्रामीण इलाकों की सड़कें बर्बाद हो गई हैं। यहां खदरा नदी पर ब्रिटिशकाल में एक पुल बनाया गया था, जिसे मार्च में हो तोड़ा दिया गया। नया पुल नहीं बनाए जाने से लोग नदी से ही गुजरने लगे हैं। ऐसे ही एक बाइक सवार बाइक लेकर नदी से गुजर रहा था, जिसकी बाइक नदी के बहाव में बहने लगी।
बांध से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला में बने नर्मदा बांध में इस मानसून में अब तक 45 हजार 395 क्यूसेक पानी आ चुका है। गुजरात की लाइफ लाइन नर्मदा बांध शुक्रवार शाम 7 बजे 130.99 मीटर भर गया, जिसके बाद नर्मदा डैम के 30 में से 10 गेट 3 फीट तक खोलकर 50 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। नर्मदा डैम के गेट खोलते ही नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
मार्बल फैक्ट्रियों के वेस्ट से बने गड्ढे लग रहे मनमोहक

बर्फीले पहाड़, मैदान और आइसपौण्ड के पास फोटो शूट करने की ललक हर इंसान की होती है। ऐसी लोकेशन ग्रीनलैण्ड, स्काटलैण्ड, आइसलैण्ड आदि देशों में होती है, लेकिन राजस्थान के नागौर जिले के मकराना में भी ऐसा नजारा देखने को मिलता है। यहां मार्बल फैक्ट्रियों से निकला गील वेस्ट सालों से जमा होने के कारण कम गहराई के गड्डे बन गए हैं। इसमें अब बारिश का पानी भर गया है, जो आइसपॉण्ड जैसा लगता है।
खुशनुमा मौसम में फतेहपुर झील बनी आकर्षण का केंद्र

राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, हालांकि लगातार हो रही बारिश के बाद मौसम भी खुशनुमा हो गया है। ऐसे ही खुशनुमा मौसम में उदयपुर की फतेहपुर झील में बच्चों के संग सैर पर निकला बत्तखों का जोड़ा।
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