समस्तीपुरएक घंटा पहले
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प्रतीकात्मक फोटो।
- रामनगर की जमीन अपने नाम पर करने की जिद कर रही थी पत्नी
- पत्नी को जमीन लिखने के बहाने शहर ले जाकर हत्या की
बिहार के समस्तीपुर में जमीन के विवाद के चलते अपनी पत्नी और बेटे की हत्या करने वाले संजय प्रसाद महतो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। संजय ने पुलिस को बताया कि ममता उसकी दूसरी पत्नी थी। वह रामनगर की जमीन अपने नाम करने के लिए दबाव बना रही थी। इससे वह तंग आ चुका था। पत्नी से पीछा छुड़ाने के लिए उसने हत्या की साजिश रची।
21 जुलाई को जमीन लिखने के बहाने वह ममता और दो वर्ष के बेटे सोनू को बाइक से शहर ले गया। दिन भर इधर-उधर घुमाने के बाद रात में दोनों को लेकर महरा चौर चला गया, जहां पहले पत्नी ममता को गलाघोंट कर मार दिया फिर बेटे का भी गला घोंट दिया। दोनों की हत्या करने के बाद सतमलपुर- परोरिया नहर में एक पोल के सहारे शव को बांध कर पानी में डुबो दिया। तीन दिन बाद उसने फिर नहर जाकर दोनों शवों बाहर निकाला। और गड़ासे से टुकड़े-टुकड़े कर बोरी में भर कर नहर में फेंक दिया।
एसपी विकास बर्मन ने बताया कि संजय ने किसी सनकी की तरह घटना को अंजाम दिया। स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाने के लिए कोर्ट को लिखा जाएगा।
बेटी और नाती के गुम रहने पर 30 जुलाई को संजय के ससुर प्रयाग ने बेटी व नाती की हत्या का लगाया था आरोप
बेटी और नाती के एक सप्ताह से गायब रहने पर 30 जुलाई को संजय के ससुर ने वारिस नगर थाने में आवेदन देकर संजय पर बेटी और नाती की हत्या कर शव को छिपाने का आरोप लगाया था। इसमें संजय के परिवार के लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। इसके बाद से पुलिस संजय की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी।
संजय के पांच साल के एक बेटे को पुलिस ने नाना के हवाले कर दिया
संजय का एक बेटा पांच साल का है, जिसे पुलिस ने उसके नाना प्रयाग पासवान के हवाले कर दिया है। माना जा रहा है कि वह अब संजय के घर में सुरक्षित नहीं है। थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि संजय ने अपने बयान में आरोप स्वीकार कर लिए हैं। पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
22 जुलाई 2011 को पहली पत्नी की हत्या में जमानत पर था संजय महतो
संजय ने 22 जुलाई 2011 को अपनी पहली पत्नी की हत्या फांसी लगाकर कर दी थी। इस मामले में वह अभी जमानत है। केस न्यायालय में लंबित है। पहली पत्नी से दो लड़का व एक लड़की है। जो संजय के घर पर ही रहती है।
25 जुलाई को लोगों ने शव का टुकड़ा देख समझा था जानवर का मांस, ग्रामीणों ने उसी मांस को जमीन में गाड़ दिया था
25 जुलाई काे ग्रामीणों ने बोरी से फूल कर बाहर निकले शव के टुकड़ों को देख पुलिस को सूचना दी थी। लेकिन लोगों को लगा टुकड़ों में मांस जानवर का है जिस कारण मांस के टुकड़ों को लोगों ने नहर के पास जमीन में गाड़ दिया। अगर उसी दिन बोरी काे खोल कर देखा जाता तो हत्याकांड का खुलासा हो सकता था।
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