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नई दिल्ली22 मिनट पहले
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- चीन इस बात पर अड़ गया है कि पैंगोंग त्सो के इलाके से भारतीय सेना पीछे हटे
- लिपुलेख पास एरिया में भी चीन के सैनिक मौजूद, यहां नेपाल-भारत-चीन सीमा मिलती है
भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के कम होने की उम्मीद को झटका लगा है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएएसी) पर सेनाओं के जमावड़े को कम करने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। चीन ने सेनाओं को पीछे हटाने के लिए चल रही बातचीत में अड़ंगा डालना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि चीन पैंगोंग त्सो के उत्तरी इलाके से पीछे हटने को तैयार नहीं है। यही नहीं, चीन ने इस बात पर अड़ गया है कहा कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी से सेना को पीछे हटाने के दौरान भारतीय सेना पैंगोंग त्सो से पीछे हटे।
भारत ने साफ किया- हम पीछे नहीं हटेंगे
मंगलवार को चीन स्टडी ग्रुप (सीएसजी) की मीटिंग के बाद भारत ने लद्दाख में टेलिफोनिक हॉटलाइन से चीन को ये साफ संदेश दिया कि भारत पीछे नहीं हटेगा। जबकि, चीन पीछे हटना ही होगा। सूत्रों के मुताबिक, फिंगर-4 का पश्चिमी इलाका हमेशा से भारत के नियंत्रण में रहा है। ऐसे में वहां से पीछे हटने का का तो सवाल ही नहीं उठता।
फिंगर-4 से फिंगर-8 तक ग्रे लाइन है, जहां एलएसी के कुछ अलग नियम हैं। तय समझौते के मुताबिक, भारतीय सेना द्वारा पेट्रोलिंग किया जाने वाले इस इलाके में इस साल अप्रैल तक दोनों ओर से किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया गया था।
तीनों सेक्टर्स में चीन की हरकत
भारत को पता चला है कि चीन एलएसी पर तीनों सेक्टर्स में सैनिक और हथियार जमा कर रहा है। ये इलाके हैं, पश्चिमी लद्दाख, मध्य में (उत्तराखंड और हिमाचल से लगने वाली सीमा) और पूर्व (सिक्किम और अरुणाचल से लगने वाली सीमा)। चीन उत्तराखंड में लिपुलेख पास एरिया में भी सैनिकों का जमावड़ा कर रहा है। यहां नेपाल, भारत और चीन की सीमाएं मिलती हैं। यह कालापानी घाटी का हिस्सा है। भारत ने चीन से पैंगोंग त्सो और गोगरा से अपनी सेना को तत्काल पीछे हटाने को कहा।
भारतीय सेना भी तैयार
चीन के गलत इरादों का पूरा अनुमान भारतीय सेना को भी है। लिहाजा, इस क्षेत्र में भारतीय सेना ने भी लंबे वक्त तक मोर्चा संभालने की पूरी तैयारी कर ली है। भारतीय सैनिक हालात पर नजर रख रहे हैं। इनके पास, पर्याप्त राशन, इस क्षेत्र के लिए जरूरी खास तरह के कपड़े, स्पेशल आर्कटिक टेंट्स और दूसरे जरूरी उपकरण हैं। लद्दाख में इस वक्त करीब 35 हजार भारतीय सैनिक तैनात हैं।
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