Pm Narendra Modi Launches Financing Facility Of 1 Lakh Crore Under Agriculture Infrastructure Fund – किसानों को सरकार की बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने लॉन्च की 1 लाख करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 09 Aug 2020 11:34 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
– फोटो : ANI

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कोरोना काल में देश के किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात भेंट की है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत एक लाख करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा को लॉन्च किया। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का हिस्सा है।  

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए भगवान बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान योजना के तहत 8.55 करोड़ किसानों को 17,100 करोड़ रुपये की छठी किस्त जारी की। 

पढ़ें उनके संबोधन की मुख्य बातें…

  • आज हलषष्टी है, भगवान बलराम की जयंती है। सभी देशवासियों को, विशेषतौर पर किसान साथियों को हलछठ की, दाऊ जन्मोत्सव की, बहुत-बहुत शुभकामनाएं !! इस बेहद पावन अवसर पर देश में कृषि से जुड़ी सुविधाएं तैयार करने के लिए एक लाख करोड़ रुपए का विशेष फंड लॉन्च किया गया है।
  • इस फंड से गांवों-गांवों में बेहतर भंडारण, आधुनिक कोल्ड स्टोरेज की चेन तैयार करने में मदद मिलेगी और गांव में रोजगार के अनेक अवसर तैयार होंगे।
  • इसके साथ-साथ साढ़े 8 करोड़ किसान परिवारों के खाते में, पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 17 हजार करोड़ रुपये ट्रांस्फर करते हुए भी मुझे बहुत संतोष हो रहा है। संतोष इस बात का है कि इस योजना का जो लक्ष्य था, वो हासिल हो रहा है।
  • बीते डेढ़ साल में इस योजना के माध्यम से 75 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं। इसमें से 22 हजार करोड़ रुपये तो कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान किसानों तक पहुंचाए गए हैं।
  • अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किसान और खेती से जुड़े इन सारे सवालों के समाधान ढूंढे जा रहे हैं। एक देश, एक मंडी के जिस मिशन को लेकर बीते 7 साल से काम चल रहा था, वो अब पूरा हो रहा है।
  • पहले e-NAM के जरिए, एक टेक्नॉलॉजी आधारित एक बड़ी व्यवस्था बनाई गई। अब कानून बनाकर किसान को मंडी के दायरे से और मंडी टैक्स के दायरे से मुक्त कर दिया गया। अब किसान के पास अनेक विकल्प हैं।
  • अगर वो अपने खेत में ही अपनी उपज का सौदा करना चाहे, तो वो कर सकता है। या फिर सीधे वेयरहाउस से, e-NAM से जुड़े व्यापारियों और संस्थानों को, जो भी उसको ज्यादा दाम देता है, उसके साथ फसल का सौदा किसान कर सकता है।
कोरोना काल में देश के किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात भेंट की है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत एक लाख करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा को लॉन्च किया। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का हिस्सा है।  

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए भगवान बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान योजना के तहत 8.55 करोड़ किसानों को 17,100 करोड़ रुपये की छठी किस्त जारी की। 

पढ़ें उनके संबोधन की मुख्य बातें…

  • आज हलषष्टी है, भगवान बलराम की जयंती है। सभी देशवासियों को, विशेषतौर पर किसान साथियों को हलछठ की, दाऊ जन्मोत्सव की, बहुत-बहुत शुभकामनाएं !! इस बेहद पावन अवसर पर देश में कृषि से जुड़ी सुविधाएं तैयार करने के लिए एक लाख करोड़ रुपए का विशेष फंड लॉन्च किया गया है।
  • इस फंड से गांवों-गांवों में बेहतर भंडारण, आधुनिक कोल्ड स्टोरेज की चेन तैयार करने में मदद मिलेगी और गांव में रोजगार के अनेक अवसर तैयार होंगे।
  • इसके साथ-साथ साढ़े 8 करोड़ किसान परिवारों के खाते में, पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 17 हजार करोड़ रुपये ट्रांस्फर करते हुए भी मुझे बहुत संतोष हो रहा है। संतोष इस बात का है कि इस योजना का जो लक्ष्य था, वो हासिल हो रहा है।
  • बीते डेढ़ साल में इस योजना के माध्यम से 75 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं। इसमें से 22 हजार करोड़ रुपये तो कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान किसानों तक पहुंचाए गए हैं।
  • अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किसान और खेती से जुड़े इन सारे सवालों के समाधान ढूंढे जा रहे हैं। एक देश, एक मंडी के जिस मिशन को लेकर बीते 7 साल से काम चल रहा था, वो अब पूरा हो रहा है।
  • पहले e-NAM के जरिए, एक टेक्नॉलॉजी आधारित एक बड़ी व्यवस्था बनाई गई। अब कानून बनाकर किसान को मंडी के दायरे से और मंडी टैक्स के दायरे से मुक्त कर दिया गया। अब किसान के पास अनेक विकल्प हैं।
  • अगर वो अपने खेत में ही अपनी उपज का सौदा करना चाहे, तो वो कर सकता है। या फिर सीधे वेयरहाउस से, e-NAM से जुड़े व्यापारियों और संस्थानों को, जो भी उसको ज्यादा दाम देता है, उसके साथ फसल का सौदा किसान कर सकता है।

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