The Chinese government is teaching Mao principles to bureaucrats so that they remain loyal | चीन सरकार नौकरशाहों को माओ के सिद्धांत सिखा रही, ताकि वे वफादार बने रहें

बीजिंग (क्रिस बकले)41 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

राष्ट्रपति जिनपिंग का दबदबा फिर कायम किया जा सके, इसलिए यह अभियान चलाया जा रहा। (फाइल फोटो)

  • कोरोना से हुई किरकिरी और भारत, अमेरिका के साथ संघर्ष को लेकर जिनपिंग और कम्युनिस्ट पार्टी का प्रभाव घटा
  • नए आदेश के तहत चीन के कानून-व्यवस्था के अफसरों को कहा गया है कि वे सरकार और पार्टी के प्रति निष्ठा तय करें

पूरे चीन में इन दिनों जज, पुलिस अधिकारी, प्रोसीक्यूटर और सुरक्षा एजेंट इन दिनों माओ के सिद्धांतों का अध्ययन करने में जुटे हुए हैं। दरअसल ये कवायद कम्युनिस्ट पार्टी के अभियान का हिस्सा है। इसके तहत देश के कानून-व्यवस्था से जुड़े लोगों को इस बात के लिए तैयार कर रहे हैं कि चुनौतीपूर्ण दौर में भी वे देश और सरकार के प्रति ईमानदार रहें। सरकार के सभी फैसलों का सम्मान करे और किसी भी मसले पर कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध न करे।

यह अभियान कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और जिनपिंग के लिए घरेलू अनुशासन को मजबूत करने के लिए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे जिनपिंग का दबदबा फिर कायम किया जा सके। पिछले दो साल में भारत, अमेरिका और अन्य देशों के साथ संघर्ष की वजह से पार्टी और नौकरशाहों के बीच जिनपिंग का प्रभाव घटा है। नए आदेश के तहत चीन के कानून-व्यवस्था के अफसरों को कहा गया है कि वे सरकार और पार्टी के प्रति निष्ठाओं को तय करें। भ्रष्ट सहयोगियों को बेनकाब करें।

कोरोना, भारत-अमेरिका से संघर्ष के कारण घट रहा प्रभाव
पार्टी ने अधिकारियों पर नियंत्रण के लिए नए नियम जारी किए थे। इसके बाद कोरोना से हुई किरकिरी और भारत, अमेरिका के साथ संघर्ष को लेकर जिनपिंग और कम्युनिस्ट पार्टी का प्रभाव घटा है। इसके अलावा पिछले साल हॉन्गकॉन्ग में महीनों तक चले विरोध प्रदर्शन और उसे रोकने में नाकामी की वजह से भी इनका प्रभाव कम हुआ है। हाल ही में कई विशेषज्ञों और चीन में हुए अध्ययनों में कहा गया कि पार्टी नेतृत्व कई प्रयासों के बावजूद पुलिस बलों, सुरक्षा एजेंसियों, अदालतों, अभियोजकों और जेलों से जुड़े नौकरशाहों पर मजबूत नियंत्रण के लिए अभी भी संघर्ष कर रहा है।

पाक: विदेश मंत्री कुरैशी से मिलने से राष्ट्रपति जिनपिंग ने किया इनकार
पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी गुरुवार रात बीजिंग पहुंचे। वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करना चाहते थे। लेकिन खबरों के मुताबिक जिनपिंग ने कुरैशी से मिलने से साफ इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि इस साल के अंत में जिनपिंग, पाकिस्तान की यात्रा पर जाने वाले हैं। शाह महमूद कुरैशी उनके इसी दौरे से जुड़ी तैयारियों को लेकर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन जिनपिंग ने उन्हें समय ही नहीं दिया।

ताइवान: फाइटर जेट के वीडियो से चीन को दी चेतावनी- हम तैयार हैं
ताइवान और चीन के बीच तनाव चरम पर है। इसी बीच ताइवान के रक्षा मंत्री ने आसमान में उड़ान भरते फाइटर जेट, समुद्र में जंगी जहाजों की तैयारी और युद्धक टैंक का वीडियो शेयर करते हुए चीन को जवाब दिया है। रक्षा मंत्री ने लिखा कि राष्ट्र की सुरक्षा की हमारी प्रतिबद्धता को नजरअंदाज न करें, हम पूरी तरह तैयार हैं। बीते दिनों चीनी एयरफोर्स के जेट कई बार ताइवान की सीमा में घुसे थे जिसके बाद ताइवान ने चेतावनी दी थी।

– न्यूयॉर्क टाइम्स से विशेष अनुबंध के तहत

0

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

coronavirus live updates: করোনা পরিস্থিতি LIVE: ৩০ লাখ ছুঁইছুঁই করোনা আক্রান্তের সংখ্যা, মৃত ৫৫ হাজারের দোরগোড়ায়! - coronavirus live updates world, india and west bengal in bengali

Sat Aug 22 , 2020
এই সময় ডিজিটাল ডেস্ক: করোনায় আক্রান্ত কেন্দ্রীয় আয়ুষ মন্ত্রী শ্রীপদ নায়েক মরতে মরতে বেঁচে ফিরেছেন বলে দাবি করলেন গোয়ার স্বাস্থ্যমন্ত্রী বিশ্বনাথ রানে। শুক্রবার কেন্দ্রীয় মন্ত্রীর স্বাস্থ্যের খবর দিতে গিয়ে রানে বলেন, করোনাভাইরাস সংক্রমণ হওয়ার পর শ্রীপদ নায়েক ‘মৃত্যুর দরজা’ থেকে ফিরে এসেছেন। — গোয়ার স্বাস্থ্যমন্ত্রী জানিয়েছেন, সোমবার থেকে গোয়ার কোভিড-১৯ […]

Breaking News

Recent Posts