न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Aug 2020 10:07 AM IST
कपिल सिब्बल (फाइल फोटो)
– फोटो : Facebook
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कांग्रेस में जारी अंतर्कलह अभी खत्म नहीं हुई है। कांग्रेस कार्यसमिति की सोमवार को हुई बैठक में पार्टी के 23 नेताओं द्वारा नेतृत्व में बदलाव की मांग को लेकर लिखा गया पत्र छाया रहा। सोनिया गांधी को फिर से पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने के बाद चिट्ठी लिखने वाले नेताओं ने आगे की रणनीति को लेकर बैठक की थी। बैठक के बाद सिब्बल ने ऐसा ट्वीट किया है जिससे कि अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। वहीं पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने इसे अंत की शुरुआत बताया है।
कपिल सिब्बल ने कहा, ‘यह एक पद के बारे में नहीं है। यह मेरे देश के बारे में हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखता है।’ दूसरी तरफ, पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने इसे अंत की शुरुआत बताया है। संजय झा ने ट्वीट कर लिखा, ‘यह तो अंत की शुरुआत है।’ इससे पहले राहुल गांधी की भाजपा के साथ मिलीभगत वाली कथित टिप्पणी को लेकर सिब्बल ने विरोध जताते हुए ट्वीट किया था। हालांकि राहुल से बात होने पर उन्होंने उस ट्वीट को वापस ले लिया था।
विरोधियों को किनारे नहीं कर पाए राहुल
बैठक की शुरुआत में योजना राहुल गांधी के विरोधी नेताओं को किनारे करने की थी। इसी रणनीति के तहत सोनिया ने अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की। इसके बाद राहुल ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा। भले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, एके एंटनी जैसे नेताओं ने सोनिया के समर्थन में कसीदे पढ़े, मगर अंत में सोनिया को कहना पड़ा कि उनके मन में पत्र लिखने वालों के प्रति दुर्भावना नहीं है।
बड़ा सवाल-कौन संभालेगा पार्टी की कमान
विवाद टालने के लिए कमेटी बनाने की घोषणा हुई है। यह संगठन के कामकाज पर उठाए गए सवालों की पड़ताल करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि कमेटी में किस गुट के नेता का पलड़ा भारी रहता है। हालांकि राहुल विरोधी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कमेटी समाधान नहीं है। सवाल यह है कि पार्टी की कमान कौन संभालेगा और पार्टी भविष्य में किस तरह की कार्यशैली अपनाएगी।
प्रियंका के लिए तैयार हो सकती है जमीन
राहुल विरोधी धड़ा मानता है कि इस समय गांधी परिवार के इतर कोई पार्टी नहीं संभाल सकता। राहुल की पंसद वेणुगोपाल या किसी अन्य नेता के हाथ में कमान जाने से स्थिति और बिगड़ेगी। ऐसे में छह महीने में प्रियंका गांधी को संगठन की कमान देने की पटकथा तैयार की जा सकती है। शुरुआती दौर में नए अध्यक्ष की मदद के लिए दो वरिष्ठ नेताओं को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कांग्रेस में जारी अंतर्कलह अभी खत्म नहीं हुई है। कांग्रेस कार्यसमिति की सोमवार को हुई बैठक में पार्टी के 23 नेताओं द्वारा नेतृत्व में बदलाव की मांग को लेकर लिखा गया पत्र छाया रहा। सोनिया गांधी को फिर से पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने के बाद चिट्ठी लिखने वाले नेताओं ने आगे की रणनीति को लेकर बैठक की थी। बैठक के बाद सिब्बल ने ऐसा ट्वीट किया है जिससे कि अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। वहीं पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने इसे अंत की शुरुआत बताया है।
कपिल सिब्बल ने कहा, ‘यह एक पद के बारे में नहीं है। यह मेरे देश के बारे में हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखता है।’ दूसरी तरफ, पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने इसे अंत की शुरुआत बताया है। संजय झा ने ट्वीट कर लिखा, ‘यह तो अंत की शुरुआत है।’ इससे पहले राहुल गांधी की भाजपा के साथ मिलीभगत वाली कथित टिप्पणी को लेकर सिब्बल ने विरोध जताते हुए ट्वीट किया था। हालांकि राहुल से बात होने पर उन्होंने उस ट्वीट को वापस ले लिया था।
विरोधियों को किनारे नहीं कर पाए राहुल
बैठक की शुरुआत में योजना राहुल गांधी के विरोधी नेताओं को किनारे करने की थी। इसी रणनीति के तहत सोनिया ने अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की। इसके बाद राहुल ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा। भले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, एके एंटनी जैसे नेताओं ने सोनिया के समर्थन में कसीदे पढ़े, मगर अंत में सोनिया को कहना पड़ा कि उनके मन में पत्र लिखने वालों के प्रति दुर्भावना नहीं है।
बड़ा सवाल-कौन संभालेगा पार्टी की कमान
विवाद टालने के लिए कमेटी बनाने की घोषणा हुई है। यह संगठन के कामकाज पर उठाए गए सवालों की पड़ताल करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि कमेटी में किस गुट के नेता का पलड़ा भारी रहता है। हालांकि राहुल विरोधी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कमेटी समाधान नहीं है। सवाल यह है कि पार्टी की कमान कौन संभालेगा और पार्टी भविष्य में किस तरह की कार्यशैली अपनाएगी।
प्रियंका के लिए तैयार हो सकती है जमीन
राहुल विरोधी धड़ा मानता है कि इस समय गांधी परिवार के इतर कोई पार्टी नहीं संभाल सकता। राहुल की पंसद वेणुगोपाल या किसी अन्य नेता के हाथ में कमान जाने से स्थिति और बिगड़ेगी। ऐसे में छह महीने में प्रियंका गांधी को संगठन की कमान देने की पटकथा तैयार की जा सकती है। शुरुआती दौर में नए अध्यक्ष की मदद के लिए दो वरिष्ठ नेताओं को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
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Tue Aug 25 , 2020
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