- मानसून में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया से लेकर वायरल बुखार जैसी कई बीमारियों का खतरा बढ़ेगा
- नमी, कम तापमान और ह्यूमिडिटी से कोरोनावायरस के ड्रॉप्लेट्स फर्श पर ज्यादा देर तक रहते हैं

अनुज खरे
Jun 12, 2020, 05:51 AM IST
मौसम के जानकार बता रहे कि इस बार देशभर में मानसून करीब-करीब तय समय पर ही आता जाएगा। समय पर केरल से दाखिल हुआ है और समय से उत्तर की ओर बढ़ता जा रहा है। मानसून की आमद के साथ कोरोना का डर और बढ़ गया है।
इस मौसम में जहां डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया से लेकर वायरल बुखार जैसी कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ेगा। वहीं, कोरोना के मरीजों की तादाद भी बढ़ती जा रही है। मुश्किल ये है कि मानसूनी बीमारी और कोरोना के लक्षण बहुत हद तक एक जैसे ही हैं।
ऐसे में हमने केंद्रीय औषधि संस्थान (सीडीआरआई) लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर (रिटा.) प्रदीप श्रीवास्तव और एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ के इंडोक्राइन एंड ब्रेस्ट सर्जरी विभाग के प्रोफसर डॉ. ज्ञानचंद से बातचीत की। उनसे समझने की कोशिश की कि बारिश में होने वाली बीमारियों और कोरोनावायरस के खतरों को लक्षण के आधार पर कैसे पहचानें और उससे बचें कैसे। 18 सवालों के जवाबों में आप भी इसे समझें…


















