न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 08 Sep 2020 12:01 AM IST
विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई
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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनातनी के बीच अब विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचेंगे। जयशंकर मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेशमंत्रियों की बैठक से इतर चीनी विदेश मंत्री वांग यी से 10 सितंबर को मुलाकात करेंगे।
जयशंकर चीनी विदेश मंत्री से 3488 किमी लंबी एलएसी पर न्यूनतम संख्या में सैनिकों को रखने और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों को लागू करने की याद दिलाएंगे। जयशंकर मांग कर सकते हैं कि चीनी सेना गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स में पहले की स्थिति बहाल करे और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे से भी पीछे हटे।
सूत्रों के मुताबिक, शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने जयशंकर विदेश मंत्रालय के चीन डेस्क के अधिकारियों के साथ मंगलवार को मॉस्को पहुंचेंगे। इसके अगले ही दिन यानी बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी पहुंच रहे हैं।
विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक में 1993 के बाद से द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करने पर जोर दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि दोनों नेता इस द्विपक्षीय बातचीत के दौरान लद्दाख में जारी तनाव को लेकर कुछ बड़े फैसले ले सकते हैं।
इससे पहले एससीओ के रक्षामंत्रियों की बैठक से इतर चीनी रक्षामंत्री वेई फेंगहे ने आग्रह करके रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनातनी के बीच अब विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचेंगे। जयशंकर मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेशमंत्रियों की बैठक से इतर चीनी विदेश मंत्री वांग यी से 10 सितंबर को मुलाकात करेंगे।
जयशंकर चीनी विदेश मंत्री से 3488 किमी लंबी एलएसी पर न्यूनतम संख्या में सैनिकों को रखने और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों को लागू करने की याद दिलाएंगे। जयशंकर मांग कर सकते हैं कि चीनी सेना गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स में पहले की स्थिति बहाल करे और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे से भी पीछे हटे।
सूत्रों के मुताबिक, शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने जयशंकर विदेश मंत्रालय के चीन डेस्क के अधिकारियों के साथ मंगलवार को मॉस्को पहुंचेंगे। इसके अगले ही दिन यानी बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी पहुंच रहे हैं।
विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक में 1993 के बाद से द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करने पर जोर दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि दोनों नेता इस द्विपक्षीय बातचीत के दौरान लद्दाख में जारी तनाव को लेकर कुछ बड़े फैसले ले सकते हैं।
इससे पहले एससीओ के रक्षामंत्रियों की बैठक से इतर चीनी रक्षामंत्री वेई फेंगहे ने आग्रह करके रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।
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Mon Sep 7 , 2020
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