न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Sat, 12 Sep 2020 06:03 PM IST
पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।
*Yearly subscription for just ₹365 & To get 20% off, use code: 20OFF
साल 1993 में हुए मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेमन की कथित तौर कब्र बेचने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। याकूब के चचेरे भाई मोहम्मद अब्दुल रउफ मेमन ने इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज करवाई थी और आरोप लगाया था कि मेमन के साथ तीन अन्य कब्रों को भी पांच लाख रुपये में बेचा गया है।
इस मामले में 19 मार्च को मामला दर्ज किया गया था, लेकिन इसी दौरान कोरोना वायरस महामारी का संकट आने की वजह से पुलिस उसमें व्यस्त हो गई थी। अब पुलिस ने फिर से इसमें कार्रवाई शुरू की है और दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें जजील नवरंगे और परवेज सरकरे का नाम शामिल है।
नवरंगे और परवेज दोनों ही बॉम्बे ट्रस्ट की जुमा मस्जिद के ट्रस्टी हैं। इसी के तहत मुस्लिम बड़ा कब्रिस्तान भी पंजीकृत है। आरोप है कि यहीं इन दोनों ने इन कब्रों को बेचा। बता दें कि मुंबई हमलों के दोषी याकूब मेमन को नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी दिए जाने के बाद बड़ा कब्रिस्तान में 30 जुलाई 2015 को दफनाया गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि कब्र का स्थान बेचे जाने की शिकायत के साथ मेमन के एक रिश्तेदार ने मार्च में लोकमान्य तिलक मार्ग थाने का रूख किया था। उन्होंने कहा, मेमन के परिवार को कब्रिस्तान में कब्र के लिए सात स्थान दिए गए हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट याकूब 1993 के बम विस्फोट के आरोपी टाइगर मेमन का छोटा भाई था।
उन्होंने कहा, कोविड-19 की स्थिति के कारण पुलिस ने मामले में अब जांच शुरू की है। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 465 (फर्जीवाड़ा), 468 (ठगने के उद्देश्य से फर्जीवाड़ा) के तहत इस साल 19 मार्च को दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।
साल 1993 में हुए मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेमन की कथित तौर कब्र बेचने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। याकूब के चचेरे भाई मोहम्मद अब्दुल रउफ मेमन ने इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज करवाई थी और आरोप लगाया था कि मेमन के साथ तीन अन्य कब्रों को भी पांच लाख रुपये में बेचा गया है।
इस मामले में 19 मार्च को मामला दर्ज किया गया था, लेकिन इसी दौरान कोरोना वायरस महामारी का संकट आने की वजह से पुलिस उसमें व्यस्त हो गई थी। अब पुलिस ने फिर से इसमें कार्रवाई शुरू की है और दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें जजील नवरंगे और परवेज सरकरे का नाम शामिल है।
नवरंगे और परवेज दोनों ही बॉम्बे ट्रस्ट की जुमा मस्जिद के ट्रस्टी हैं। इसी के तहत मुस्लिम बड़ा कब्रिस्तान भी पंजीकृत है। आरोप है कि यहीं इन दोनों ने इन कब्रों को बेचा। बता दें कि मुंबई हमलों के दोषी याकूब मेमन को नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी दिए जाने के बाद बड़ा कब्रिस्तान में 30 जुलाई 2015 को दफनाया गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि कब्र का स्थान बेचे जाने की शिकायत के साथ मेमन के एक रिश्तेदार ने मार्च में लोकमान्य तिलक मार्ग थाने का रूख किया था। उन्होंने कहा, मेमन के परिवार को कब्रिस्तान में कब्र के लिए सात स्थान दिए गए हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट याकूब 1993 के बम विस्फोट के आरोपी टाइगर मेमन का छोटा भाई था।
उन्होंने कहा, कोविड-19 की स्थिति के कारण पुलिस ने मामले में अब जांच शुरू की है। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 465 (फर्जीवाड़ा), 468 (ठगने के उद्देश्य से फर्जीवाड़ा) के तहत इस साल 19 मार्च को दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।
Source link
Sat Sep 12 , 2020
Ananya Panday always brings some quirky content up on her social media. Each time, the actress posts a picture, there comes a wave of positivity and by the looks of it, in her recent post also- she is glowing away with a backdrop of lush greens. Ananya is seen wearing […]