- झारखंड के चतरा की रहने वाली पूजा कुमारी और सपना वर्मा दोनों एक ही मॉल में काम करती थीं
दैनिक भास्कर
Jun 27, 2020, 09:13 AM IST
बेगूसराय. साल 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस फैसले में कोर्ट ने एलजीबीटीक्यू समूह के लोगों को कानूनी मान्यता दी है। बिहार के बेगुसराय में दो लड़कियों की अब एक ऐसी ही प्रेम कहानी सामने आई है। शादी के 10 दिन बाद ही नवविवाहिता पत्नी ने अपने पति के साथ रहने से यह कहकर इनकार कर दिया कि उसे उसके साथ नहीं, बल्कि सहेली के साथ जीवन गुजारना है। इसके बाद उसकी सहेली को रांची बुलाया गया। जहां दोनों ने एक साथ जीने और मरने का वादा किया। नवविवाहिता ने कहा कि हम भले दोनों लड़की हैं, लेकिन मुझे अपनी सहेली में लड़का दिखता है।
झारखंड के चतरा की रहने वाली पूजा कुमारी और सपना वर्मा दोनों एक मॉल में काम करती थीं। दोनों लड़कियां पहले ही आपस में प्रेम विवाह कर चुकी हैं। इसी बीच परिवार के दबाव पर पूजा की शादी बेगूसराय के पटेल चौक के रहने वाले लड़के अंकित से हो गई। पूजा बताती है कि शादी के समय पति को अपने समलैंगिक संबंध से जुड़ी सारी बात बता दी थी। दस दिन तक सब कुछ ठीक चला, पर बाद में उसके पति ने आपत्ति जताना शुरू कर दिया।
इसके बाद उसने पति के साथ न रहने का फैसला करते हुए, सपना को सारी बात बताई। सपना बेगूसराय पहुंची और पूजा के साथ रहने की जिद करने लगी। विवाद बढ़ा तो परिवार के लोगों ने पुलिस थाने में सूचना दी। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अंकित ने अपनी पत्नी पूजा को दोनों के परिवार के सामने उसकी सहेली सपना के हवाले कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने लेस्बियन शादी को दी है मान्यता
इस तरह के मामलों को लेकर ही सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर 2018 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए लेस्बियन शादी और एलजीबीटीक्यू समूह को कानूनी मान्यता दी है। एलजीबीटीक्यू यानी लेस्बियन, गे, बाय सेक्सुअल ट्रांसजेंडर और किवयर, जिन्हें इस कानून के तहत आपस में विवाह करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है।
