- प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग बाई लैंड मॉनिटाइजेशन के तहत जुटाया जाएगा फंड
दैनिक भास्कर
Jun 27, 2020, 11:23 AM IST
जयपुर. (शिवांग चतुर्वेदी)। मेट्रो स्टेशनों के आसपास बहुत जल्द नजारा बदलने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि मेट्रो प्रशासन अब अपने ऑनगोइंग और भविष्य के प्रोजेक्ट के लिए खुद फंड जुटाएगा। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने इसे मंजूरी भी दे दी है जिसके बाद मेट्रो अब जेडीए के सहयोग से अपनी 14 जमीनों को लीज पर देगा।
इसके लिए एक लैंड सैल का गठन भी किया गया है जिसमें दो रिटायर्ड आरएएस अधिकारी और जयपुर कलेक्ट्रेट के दो से तीन पटवारी शामिल हैं। इसके अलावा मेट्रो ने दो बड़ी कंसल्टेंसी फर्म को भी हायर किया है जिसमें से एक कंसल्टेंसी फर्म ने कार्य करना शुरू कर दिया है और दूसरी फर्म भी जल्दी ही काम संभाल लेगी।
स्टेशन्स और मेट्रो लैंड के आसपास होगा सर्वे
जयपुर मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों फर्म जमीनों के आसपास के इलाके में सर्वे करेंगी। सर्वे में यह देखा जाएगा कि लैंड को किस काम के लिए लीज पर देना है। अगर मानसरोवर डिपो के पास हॉस्पिटल या रेस्टोरेंट की जरूरत है, तो निवेशकों को वहां हॉस्पिटल और रेस्टोरेंट विकसित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। गौरतलब है कि जयपुर मेट्रो के पास करीब 600 करोड़ की जमीन है जहां अभी कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
14 खाली जमीनों को दिया जाएगा लीज पर
जयपुर मेट्रो के पास अभी 8 स्टेशन्स की पार्किंग स्थल और 6 अन्य लैंड उपलब्ध हैं। मेट्रो प्रशासन निजी फर्म के साथ मिलकर स्टेशनों पर बनी पार्किंग स्थल की खाली जमीनों का मास्टर प्लान बना रहा है जिसमें एक हिस्से पर पार्किंग और दूसरे हिस्से पर मॉल्स या अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा लालकोठी स्थित पुलिस मुख्यालय, दुर्गापुरा और मानसरोवर डिपो सहित छह प्रमुख लैंड को भी लीज पर दिया जाएगा। मेट्रो प्रशासन को इन छह जमीनों को लीज पर देने के बाद अच्छा राजस्व मिलने की उम्मीद है जिसे वो अपने आगामी प्रोजेक्ट पर खर्च करेंगे।
