- पानी निकासी में हो रही परेशानी ने चारो तरफ कीचड़ व फिसलन जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी है
- राजेंद्र नगर व कदमकुआं इलाके में लोगों को जलजमाव की मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है
दैनिक भास्कर
Jun 26, 2020, 06:26 PM IST
पटना. राजधानी पटना में मानसून की बारिश ने लोगों को एक तरफ गर्मी से राहत दी है, दूसरी ओर सड़क पर निकलना दूभर कर दिया है। मुख्य सड़कों की हालत तो कमोबेश ठीक है, लेकिन गलियों में घुसते ही बारिश का असर साफ दिख रहा है। पानी निकासी में हो रही परेशानी ने चारो तरफ कीचड़ व फिसलन जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी है।
राजधानी के प्रमुख इलाकों बोरिंग रोड से सटी गलियों, श्रीकृष्णापुरी, श्रीकृष्णा नगर, पुनाईचक व शिवपुरी जैसे इलाकों में बारिश का असर दिख रहा है। न्यू बाइपास रोड के दक्षिणी इलाकों की स्थिति सबसे अधिक खराब है। राजेंद्र नगर व कदमकुआं इलाके में लोगों को एक बार फिर जलजमाव की मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इस इलाके में पिछली बारिश के दौरान भी लोगों को जलजमाव जैसी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
मेयर सीता साहू और नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने इस इलाके में जलजमाव की स्थिति का जायजा लिया है। राजेंद्र नगर के रोड नंबर एक व दो में भी बारिश का पानी जम गया है। इन इलाकों से पानी निकालने की कवायद पिछली बार सही प्रकार से न होने के बाद प्रभारी सफाई निरीक्षक को नगर आयुक्त ने निलंबित कर दिया था।
बारिश के कारण न्यू बाइपास रोड में सिपारा पुल से पहले मीठापुर कृषि फॉर्म के पास पानी के कारण धंसान हो गया है। बारिश के बाद पानी के तेज बहाव ने सड़क पर करीब पांच फीट चौड़ा मुहाना बना दिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के बाद पुल से आते पानी को नीचे उतरने के लिए यहां पर थोड़ी जगह मिली और पानी का बहाव इतना तेज था कि कटाव शुरू हो गया। इससे सड़क भी दरकने लगी है। इससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दीघा के पोलसन रोड में लगा पानी
दीघा के पोलसन रोड में शुक्रवार की बारिश के बाद जलजमाव देखने को मिला। यहां पर घुटना भर पानी जम गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल यहां पानी बरसने के बाद पानी जमने की समस्या सामने आती है। इस बार लोगों को राहत दिलाने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसके अलावा पाटलिपुत्र कॉलोनी में भी लोगों की परेशानी बढ़नी शुरू हो गई है। नंदलाल छपरा के बाद आउटफॉल नाला के पानी का लेबल और मुहल्ले की सड़कों का लेबल लगभग समान हो गया है।